यूपीटीईटी प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा : डॉ. प्रशांत कुमार

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यूपीटीईटी प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा : डॉ. प्रशांत कुमार


संशोधित प्रमाणपत्र के लिए 200 रुपये शुल्क, एक बार संशोधन के बाद दोबारा नहीं मिलेगा अवसर

प्रयागराज, 25 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के प्रमाणपत्रों में दर्ज विवरण में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। अभ्यर्थी प्रमाणपत्र में आवश्यक संशोधन के लिए आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह जानकारी शुक्रवार को आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने दी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के प्रमाणपत्रों में दर्ज विवरण में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। अभ्यर्थी प्रमाणपत्र में आवश्यक संशोधन के लिए आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने प्रमाणपत्र में नाम, पिता या पति के नाम, जन्मतिथि और श्रेणी आदि में त्रुटि सुधार के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है।

डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए आवेदन केवल निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। डाक, प्रत्यावेदन या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें और उसी के अनुसार आवेदन करें।

संशोधन के लिए अभ्यर्थियों को 200 रुपये शुल्क जमा करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक संशोधन के उपरांत नया प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रमाणपत्र में एक बार संशोधन हो जाने के बाद अभ्यर्थी को किसी अन्य विवरण में दोबारा संशोधन का अवसर नहीं दिया जाएगा।

आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही करें, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अभ्यर्थी प्रमाणपत्र संशोधन के लिए आयोग के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। संशोधन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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