रक्षाबंधन के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश देता है संघ : प्रमोद कुमार सिंह

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रक्षाबंधन के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश देता है संघ : प्रमोद कुमार सिंह


सेवा बस्तियों में रक्षा सूत्र बांधकर ऊंच-नीच और अस्पृश्यता के भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान

प्रयागराज, 30 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रक्षाबंधन पर्व को सामाजिक समरसता का माध्यम बनाया है। स्वयंसेवक इस दिन एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षा का संकल्प लेते हैं और सेवा बस्तियों में रक्षा सूत्र बांधकर ऊंच-नीच तथा अस्पृश्यता के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश देते हैं। यह बातें सरस्वती विद्या मंदिर, शास्त्री नगर के प्रधानाचार्य एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रमोद कुमार सिंह ने कहीं।

लाजपत नगर की शास्त्री नगर, नारायणपुरम और पराशर बस्ती का रक्षाबंधन उत्सव रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर, शास्त्री नगर के वाल्मीकि सभागार में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता प्रमोद कुमार सिंह ने रक्षाबंधन पर्व की परंपरा और उसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रक्षाबंधन को सामाजिक समरसता के उद्देश्य से अपने प्रमुख उत्सवों में शामिल किया है।

उन्होंने रक्षा सूत्र बांधने के मंत्र 'येन बद्धो बलि राजा...' का उच्चारण करते हुए भगवान वामन और राजा बलि की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और रक्षा का पर्व नहीं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, एकता और बंधुत्व को मजबूत करने का भी अवसर है।

प्रयाग दक्षिण भाग के कार्यवाह मनोज ने कहा कि रक्षाबंधन संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक है। उन्होंने समाज से जाति-पाति के बंधनों को तोड़कर एकरूप और समरस समाज के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल समाज के लोगों और सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शास्त्री नगर के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधा। नगर बौद्धिक प्रमुख सुरेंद्र ने कार्यक्रम का संचालन किया। मुख्य शिक्षक डॉ. भोलानाथ और प्रार्थना प्रमुख रामधन रहे। विनायक ने अमृत वचन तथा लक्ष्य ने एकल गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर लाजपत नगर के नगर संघचालक ब्रह्मदेव और प्रयाग दक्षिण भाग कार्यकारिणी सदस्य सौरभ सहित अन्य स्वयंसेवक मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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