मुक्त विश्वविद्यालय में 29 और 30 जुलाई को स्वयम मूक्स पर कार्यशाला

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मुक्त विश्वविद्यालय में 29 और 30 जुलाई को स्वयम मूक्स पर कार्यशाला


ऑनलाइन शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

प्रयागराज, 28 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति-2020 और डिजिटल इंडिया के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए ऑनलाइन शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन की ओर से 29 और 30 जुलाई को डेवलपमेंट ऑफ स्वयम मूक्स विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। उक्त जानकारी मंगलवार काे विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र ने दी।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला का आयोजन सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में होगा। इसका उद्घाटन 29 जुलाई को सुबह 10:30 बजे किया जाएगा। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विद्याशाखा के निदेशक प्रो. जितेंद्र पांडेय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत्यकामकरेंगे।

डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि प्रो. जितेंद्र पांडेय ऑनलाइन शिक्षा और मूक्स (MOOCs) के क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने इस विषय पर कई शोध कार्य किए हैं और शिक्षकों को ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।

कुलपति आचार्य सत्यकाम ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को स्वयम प्लेटफॉर्म के लिए गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार करने का प्रशिक्षण देना है। प्रशिक्षण के दौरान कंटेंट लेखन, वीडियो लेक्चर तैयार करना, ऑनलाइन मूल्यांकन और क्विज निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इससे विश्वविद्यालय के अधिक से अधिक पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर स्वयम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेंगे और देशभर के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

कार्यशाला के संयोजक एवं सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक प्रो. अजेन्द्र कुमार मलिक ने विश्वविद्यालय के सभी नियमित और संविदा शिक्षकों से कार्यशाला में अनिवार्य रूप से भाग लेने की अपील की है।

जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र ने कहा कि यह कार्यशाला विश्वविद्यालय में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देगी। इससे शिक्षकों की ऑनलाइन शिक्षण क्षमता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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