उत्तर मध्य रेलवे की एक और बड़ी उपलब्धि, मिर्जापुर–पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड पर 'कवच 4.0' शुरू

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उत्तर मध्य रेलवे की एक और बड़ी उपलब्धि, मिर्जापुर–पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड पर 'कवच 4.0' शुरू


प्रयागराज, 30 जुलाई (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मिर्जापुर (समेत) से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (अपवर्जित) तक 64 रूट किलोमीटर रेलखंड पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच 4.0' का सफलतापूर्वक संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही प्रयागराज मंडल में 'कवच' से सुरक्षित रेल नेटवर्क बढ़कर 636 रूट किलोमीटर हो गया है। यह जानकारी गुरुवार काे उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।

उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक आधारित रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'कवच' प्रणाली ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में बेहद प्रभावी साबित हो रही है।

उन्होंने बताया कि 'कवच' भारतीय रेलवे द्वारा विकसित स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। यह लाल सिग्नल पार करने की घटनाओं को रोकती है, ट्रेन की गति निर्धारित सीमा में बनाए रखती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर संभावित दुर्घटना को टाल देती है। साथ ही, लोको पायलट को वास्तविक समय में सिग्नल, गति सीमा और अन्य आवश्यक जानकारियां भी उपलब्ध कराती है। घने कोहरे या कम दृश्यता की स्थिति में भी यह प्रणाली सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करती है।

अमित मालवीय ने बताया कि इससे पहले चिपयाना–टूंडला (175 रूट किमी), टूंडला–पनकी धाम (207 रूट किमी) और कानपुर–प्रयागराज (190 रूट किमी) रेलखंड पर 'कवच 4.0' का सफल कमीशनिंग किया जा चुका है। अब मिर्जापुर–पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन खंड के 64 रूट किलोमीटर जुड़ने से प्रयागराज मंडल में कुल 636 रूट किलोमीटर रेलखंड 'कवच' प्रणाली से सुरक्षित हो गया है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के दौरान कई तकनीकी उपलब्धियां भी हासिल की गईं। भारतीय रेलवे में पहली बार WAG-9 मालगाड़ी इंजन पर KERNEX निर्मित 'कवच' का सफल कमीशनिंग किया गया। इसके अलावा नौ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग स्टेशनों पर 'कवच' प्रणाली का सफल एकीकरण किया गया। परियोजना के तहत पूरे रेलखंड का ड्रोन और रेडियो सर्वे कराया गया तथा 1,824 RFID टैग लगाए गए। बेहतर संचार के लिए तीन नए 40 मीटर ऊंचे संचार टावर और आधुनिक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी तैयार किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे, तकनीकी विशेषज्ञों और स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी द्वारा संयुक्त परीक्षण किए गए। इन परीक्षणों में ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के माध्यम से सफल फील्ड ट्रायल भी किए गए।

जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन तथा सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की टीम के समर्पित प्रयासों से यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी की गई। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे के शेष स्वीकृत रेलखंडों पर भी 'कवच' प्रणाली का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 'कवच' का विस्तार दिल्ली–हावड़ा उच्च घनत्व रेलमार्ग पर रेल सुरक्षा को और मजबूत करेगा तथा भविष्य में ट्रेनों के सुरक्षित और आधुनिक संचालन को नई गति देगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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