गंगा को स्वच्छ रखने में मछलियों की अहम भूमिका, नदी में छोड़े गए एक लाख मत्स्य बीज

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गंगा को स्वच्छ रखने में मछलियों की अहम भूमिका, नदी में छोड़े गए एक लाख मत्स्य बीज


गंगा को स्वच्छ रखने में मछलियों की अहम भूमिका, नदी में छोड़े गए एक लाख मत्स्य बीज


गंगा को स्वच्छ रखने में मछलियों की अहम भूमिका, नदी में छोड़े गए एक लाख मत्स्य बीज


मछुआ समुदाय के लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, महिलाओं को 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा : सुनील कुमार पाल

प्रयागराज, 23 अक्टूबर (हि.स.)। गंगा की मत्स्य संपदा के संरक्षण और नदी को स्वच्छ बनाए रखने में मछलियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मछुआ समुदाय को मछलियों से आजीविका मिलती है, इसलिए उनका संरक्षण करना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को राज्य पोषित योजना के तहत गंगा नदी में एक लाख मत्स्य बीज छोड़े गए। इस अवसर पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के साथ जन-जागरूकता गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य प्राधिकरण प्रयागराज सुनील कुमार पाल ने मछुआ समुदाय के लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अपील की कि पात्र लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए मत्स्य विभाग के कार्यालय से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि निषाद समाज की महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति तथा स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

मछलियों का संरक्षण और गंगा की स्वच्छता जरूरी

निषाद पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनील कुमार निषाद ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के मंत्री बनने के बाद से मछुआ समुदाय के हित में लगातार काम किए जा रहे हैं। मत्स्य विभाग के माध्यम से कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ निषाद, मांझी, मल्लाह, केवट, बिंद सहित मछुआ समुदाय की 17 उपजातियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

सुनील कुमार निषाद ने कहा कि जब गंगा से मछलियों के माध्यम से आजीविका मिलती है, तो नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखना भी सबकी जिम्मेदारी है। मछलियां गंगा की पारिस्थितिकी और स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए मत्स्य संपदा का संरक्षण करना जरूरी है। इसी दिशा में गंगा में एक लाख मत्स्य बीज छोड़े गए। उन्होंने कहा कि मछली मछुआ समुदाय की आजीविका का प्रमुख आधार है, इसलिए इसकी रक्षा और संवर्धन के लिए सभी को आगे आना चाहिए।

मत्स्य किसानों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील

इस अवसर पर बारा विधायक डॉ. वाचस्पति के प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने मत्स्य किसानों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की अपील की।

कार्यक्रम में मत्स्य विकास अधिकारी मनोज कुमार सहित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। गोष्ठी के बाद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उपस्थित लोगों ने गंगा नदी में एक लाख मत्स्य बीज छोड़े। कार्यक्रम का उद्देश्य गंगा की मत्स्य संपदा का संरक्षण करना, मछुआ समुदाय की आजीविका को बढ़ावा देना और लोगों को नदी की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

Livevns.news Desk
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