कटरा रामलीला में नए संगीत संयोजन ने बढ़ाया मंचन का प्रभाव, रोशन पाण्डेय को मिला सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन सम्मान
स्वामी चिदानन्द सरस्वती और महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने किया सम्मानित
प्रयागराज, 27 अक्टूबर (हि.स.)। रामलीला में संगीत कथा के भावों को सजीव बनाने और दर्शकों को प्रभु श्रीराम के प्रसंगों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। पारंपरिक रामलीला में नए संगीत और प्रस्तुति संयोजन का प्रयोग इसकी सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध करता है। प्रयागराज की ऐतिहासिक कटरा रामलीला में अपने संगीत निर्देशन से नई पहचान बनाने वाले गायक एवं संगीत निर्देशक रोशन पाण्डेय को ‘प्रयागराज रामलीला उत्कृष्टता सम्मान-2026’ के तहत ‘सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
27 अक्टूबर को प्रयागराज में आयोजित समारोह में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान कटरा रामलीला के मंचन में उत्कृष्ट संगीत निर्देशन, प्रभावशाली संगीत संयोजन और रामकथा के प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने के लिए दिया गया।
कटरा रामलीला कमेटी ने इस वर्ष रामलीला की प्रस्तुतियों को नया स्वरूप देने का प्रयास किया। इसके तहत पारंपरिक रूप से प्रचलित रामानंद सागर की रिकॉर्डेड ऑडियो प्रस्तुति के स्थान पर नया संगीत और प्रस्तुति संयोजन तैयार किया गया। इस पहल में रोशन पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देशन में प्रसंगों के अनुरूप तैयार धुनों और संगीत संयोजन ने मंचन में भक्ति भाव तथा भावनात्मक प्रभाव को मजबूत किया।
संगीत, संवादों के भाव और मंचीय वातावरण के तालमेल ने दर्शकों को रामकथा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। रोशन पाण्डेय के रचनात्मक प्रयासों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया।
यह उपलब्धि रोशन पाण्डेय की संगीत साधना और कलात्मक प्रतिभा के साथ प्रयागराज की समृद्ध रामलीला परंपरा को नए प्रयोगों के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों का भी सम्मान है। उनके योगदान से स्थानीय कलाकारों और युवा संगीत साधकों को भारतीय संस्कृति, भक्ति संगीत और पारंपरिक मंचीय कलाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

