प्रकाशिकी को समझने के लिए छात्रों ने किए प्रयोग, रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़े अनुप्रयोग

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प्रकाशिकी को समझने के लिए छात्रों ने किए प्रयोग, रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़े अनुप्रयोग


प्रयागराज, 25 अगस्त (हि.स.)। प्रकाश केवल देखने का माध्यम नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके सिद्धांतों को प्रयोगों और प्रत्यक्ष प्रदर्शनों के माध्यम से समझना छात्रों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित करने में सहायक है। इसी उद्देश्य से ट्रिपल आईटी-इलाहाबाद के ऑप्टिका छात्र अध्याय की ओर से मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय, झलवा में ‘प्रकाश और उसके अनुप्रयोगों का अन्वेषण करें’ विषय पर विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कक्षा आठ से दस तक के छात्रों को प्रकाश और प्रकाशिकी की विभिन्न अवधारणाओं से परिचित कराया गया। व्यावहारिक प्रदर्शनों और गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने प्रकाशीय घटनाओं को देखा और उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले अनुप्रयोगों से जोड़कर समझा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सनी के मार्गदर्शन में हुआ। छात्र अध्याय से डॉ. विभू श्रीवास्तव, भारती कौशल, पुष्पलता तिवारी, ममता देवी, नजबीन बानो और अमित राज ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रकाशिकी से जुड़े सवाल पूछे और प्रयोगों के माध्यम से उनके उत्तर समझे।

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय विज्ञान को प्रयोग और अनुभव के माध्यम से समझाना था। संवादात्मक गतिविधियों ने छात्रों को प्रकाशीय घटनाओं का बारीकी से निरीक्षण करने और उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने का अवसर दिया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रकाशिकी के सिद्धांत आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि कक्षा में पढ़ाए जाने वाले वैज्ञानिक सिद्धांत वास्तविक दुनिया में किस प्रकार काम आते हैं।

केंद्रीय विद्यालय, झलवा के प्रधानाचार्य आयुष अग्रवाल ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग दिया। उनके सहयोग से छात्रों को गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने वाला वातावरण मिला।

ऑप्टिका छात्र अध्याय की ओर से बताया गया कि स्कूली छात्रों में प्रकाशिकी, फोटोनिक्स और उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं विज्ञान प्रसार कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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