हरियाली शिल्प मेले में दिखेगी देशभर की हस्तशिल्प कला और संस्कृति की झलक
26 अगस्त से छह सितंबर तक अशोक नगर में सजेगा मेला, 65 जिलों के शिल्पकार और विभिन्न राज्यों के उत्पाद होंगे आकर्षण का केंद्र
प्रयागराज, 25 अगस्त (हि.स.)। प्रयागराज वासियों को प्रकृति, संस्कृति, हस्तशिल्प और स्वाद का संगम एक ही स्थान पर देखने को मिलेगा। अशोक नगर स्थित साईं मंदिर के पास एनसीजेडसीसी सर्किट हाउस परिसर में 26 अगस्त से छह सितंबर तक हरियाली शिल्प मेला आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया से वार्ता करते हुए जनसहयोग एवं विकास समिति के प्रबंधक अनूप श्रीवास्तव ने दी।
उन्होंने बताया कि 12 दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों के साथ शामिल होंगे। मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंचीय प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन पिछले 18 वर्षों से लोगों को हस्तशिल्प और देश की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बना हुआ है। इस बार भी मेले को आकर्षक और भव्य स्वरूप देने की तैयारी की गई है। मेले में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), जिला उद्योग केंद्र और शिल्पकारों के सहयोग से तैयार विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
65 जिलों के शिल्पकारों के उत्पाद होंगे उपलब्ध
मेले में प्रदेश के करीब 65 जिलों के शिल्पकारों और विभिन्न क्षेत्रों के कारीगरों के उत्पाद लोगों को उपलब्ध होंगे। इनमें विशेष रूप से पिलखुआ चादर, प्रयागराज के मूंज शिल्प एवं चटनी उद्योग सहित हस्तशिल्प, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट, होम डेकोर, कॉस्मेटिक उत्पाद, खाद्य सामग्री और अन्य पारंपरिक वस्तुएं शामिल रहेंगी। इससे शहरवासियों को अलग-अलग क्षेत्रों की कला और स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर खरीदने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का कहना है कि मेले का उद्देश्य केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और पारंपरिक शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराना तथा उनकी कला को लोगों तक पहुंचाना भी है।
हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम
हरियाली शिल्प मेले में खरीदारी के साथ मनोरंजन की भी व्यवस्था रहेगी। प्रतिदिन मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत कार्यक्रम शामिल होंगे। इससे मेले में आने वाले परिवारों और बच्चों को कला एवं संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मेले में विभिन्न राज्यों के शिल्प और उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। हरियाणा के पानीपत से रामकिशन शर्मा समेत अन्य शिल्पकार और कारोबारी इसमें सहभागिता करेंगे।
केवल दस रुपये प्रवेश शुल्क
मेले में आम लोगों की पहुंच आसान रखने के लिए प्रवेश शुल्क मात्र 10 रुपये रखा गया है। वहीं मीडिया प्रतिनिधियों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। आयोजकों के अनुसार मेले में आने वाले लोगों के लिए खरीदारी के साथ मनोरंजन और खान-पान की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।
उद्घाटन के साथ शुरू होगा 12 दिवसीय आयोजन
26 अगस्त को मेले का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद छह सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक लोग मेले का आनंद ले सकेंगे। आयोजकों की ओर से दुकानदारों, शिल्पकारों और सहयोगियों के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जनसहयोग एवं विकास समिति के प्रबंधक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि मेले का उद्देश्य देश की पारंपरिक कला, शिल्प और संस्कृति को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ शिल्पकारों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे परिवार के साथ मेले में पहुंचकर शिल्पकारों का उत्साह बढ़ाएं और स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी को प्रोत्साहित करें।
इस अवसर पर रामकिशन शर्मा (पानीपत, हरियाणा), मतलूब अहमद और सह प्रबंधक नफीस मलिक सहित आयोजन से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहेंगे। आयोजन को सफल बनाने में दुकानदारों और जनसहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

