जीएसटी सुधारों से व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत, तीन दिन में पंजीकरण और 10 दिन में रिफंड का प्रस्ताव

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जीएसटी सुधारों से व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत, तीन दिन में पंजीकरण और 10 दिन में रिफंड का प्रस्ताव


जीएसटी सुधारों से व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत, तीन दिन में पंजीकरण और 10 दिन में रिफंड का प्रस्ताव


सहजकर संवाद’ में जीएसटी सुधारों की दी गई जानकारी, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन

प्रयागराज, 29 अक्टूबर (हि.स.)।

जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाकर तीन कार्य दिवसों में पंजीकरण देने, रिफंड की प्रक्रिया आसान करने और 10 हजार रुपये से कम की कर राशि के मामलों में नोटिस जारी नहीं करने का प्रस्ताव जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल और व्यापारियों के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन सुधारों से व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियागत परेशानियों से राहत मिलने और कारोबार को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। यह जानकारी वरिष्ठ कर सलाहकार एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. पवन जायसवाल ने गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित जीएसटी भवन के महाकुंभ सभागार में आयोजित ‘सहजकर संवाद’ कार्यक्रम में दी।

केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, इलाहाबाद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णयों और कर व्यवस्था के सरलीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. पवन जायसवाल ने बताया कि जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया में सुधार कर तीन कार्य दिवसों के भीतर पंजीकरण देने, विलंब शुल्क कम करने और 10 दिनों के भीतर रिफंड उपलब्ध कराने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 10 हजार रुपये से कम की कर राशि वाले मामलों में जीएसटी नोटिस जारी नहीं करने और इस सीमा से कम राशि से संबंधित मौजूदा लंबित नोटिस वापस लेने का भी प्रस्ताव है। इससे छोटे कर मामलों में व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

माल की आवाजाही होगी आसान

डॉ. जायसवाल ने बताया कि माल की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, माल रोकने या जब्ती की कार्रवाई को अधिक व्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत ऐसी कार्रवाई केवल आपूर्तिकर्ता या गंतव्य राज्य के अधिकारियों द्वारा किए जाने की व्यवस्था बताई गई। माल रोकने के लिए विशिष्ट खुफिया जानकारी और संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की मंजूरी आवश्यक होगी। इससे माल परिवहन के दौरान अनावश्यक बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी परिषद ने गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधानों को हटाने और अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। इन प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य व्यापारियों के मन में गिरफ्तारी का भय कम करना और उन्हें निश्चिंत होकर कारोबार करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन

कार्यक्रम में सीजीएसटी आयुक्तालय, इलाहाबाद के आयुक्त रंजीत कुमार ने व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित समस्याओं के हरसंभव समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने व्यापारियों और कर विशेषज्ञों के साथ संवाद को उपयोगी बताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमार गोयल ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने विचार रखे। संयुक्त आयुक्त राहुल टी. परमार ने कार्यक्रम में शामिल सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अधिवक्ता शिव अभिलाष मिश्र, प्यारे लाल गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट सौरव अग्रवाल, रत्नेश केसरवानी और अमित तिवारी सहित अनेक व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर सलाहकार तथा अधिवक्ता उपस्थित रहे। सहायक आयुक्त हेमनाथ झा, शैलेन्द्र मोहन भटनागर, अधीक्षक वीएस यादव, अनुज मिश्र और दिलीप यादव समेत विभागीय अधिकारियों ने भी सहभागिता की।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

Livevns.news Desk
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