इलेक्ट्रो होम्योपैथी प्रकृति आधारित चिकित्सा पद्धति है, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत : प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी

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इलेक्ट्रो होम्योपैथी प्रकृति आधारित चिकित्सा पद्धति है, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत : प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी


प्रयागराज, 28 जुलाई (हि.स.)। इलेक्ट्रो होम्योपैथी वर्तमान में संघर्ष के दौर से गुजर रही है, लेकिन समर्पित चिकित्सकों के प्रयासों से यह सफलता की ओर बढ़ रही है। उक्त बातें मंगलवार को कमला नेहरू इलेक्ट्रो होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, रामबाग में दो दिवसीय एडवांस इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहीं।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह प्रकृति आधारित चिकित्सा पद्धति है और इसे समझने तथा जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।इलेक्ट्रो होम्योपैथी को आगे बढ़ाने के लिए चिकित्सकों को इसकी वैज्ञानिक समझ विकसित करने के साथ-साथ समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रकृति में रोगों से मुक्ति की अपार क्षमता है और इलेक्ट्रो होम्योपैथी इसी सिद्धांत पर आधारित चिकित्सा पद्धति है।

कमला नेहरू इलेक्ट्रो होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, रामबाग में दो दिवसीय एडवांस इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व कुलपति, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने महात्मा मैटी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

सीएमई के प्रमुख प्रशिक्षक डॉ. एस.आर. द्विवेदी (प्रयागराज) और डॉ. लालतेन्दु दलाई (ओडिशा) ने प्रतिभागियों को उन्नत उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। दोनों विशेषज्ञों ने चिकित्सकों से अपने ज्ञान और अनुभव को साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक इलेक्ट्रो होम्योपैथी के लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. प्रमोद शुक्ला ने की। उन्होंने बताया कि प्रयागराज मंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सक प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य चिकित्सकों के ज्ञान और कौशल को और बेहतर बनाना है, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

कार्यक्रम में डॉ. लख्मी प्रिया सुतार, डॉ. सुशील, डॉ. श्याम देव, डॉ. शैलेन्द्र, डॉ. संजीव, डॉ. लोरिक, डॉ. प्रगति, डॉ. रंजना, डॉ. हेमंत, डॉ. प्रमोद, डॉ. जावेद, डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. पी.एन. सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।

संस्थान के निदेशक डॉ. प्रमोद शुक्ला ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 29 जुलाई को होगा। समापन समारोह में शहर उत्तरी के विधायक ई. हर्षवर्धन वाजपेयी प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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