तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों और नैतिकता को मजबूत करना जरूरी : प्रो. सुतावने

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तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों और नैतिकता को मजबूत करना जरूरी : प्रो. सुतावने


तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों और नैतिकता को मजबूत करना जरूरी : प्रो. सुतावने


तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों और नैतिकता को मजबूत करना जरूरी : प्रो. सुतावने


ट्रिपल आईटी-इलाहाबाद का 28वां स्थापना दिवस ‘रिकॉग्निशन डे’ के रूप में मनाया गया, मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट कर्मचारियों का हुआ सम्मान

प्रयागराज, 12 अगस्त (हि.स.)। तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति के साथ जीवन में मानवीय मूल्यों, जिम्मेदारी और नैतिकता को मजबूत करना भी जरूरी है। उक्त बातें बुधवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (ट्रिपल आईटी-इलाहाबाद) झलवा का 28वां स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने कहीं। उन्होंने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान और कौशल देना नहीं, बल्कि बेहतर और संवेदनशील समाज का निर्माण करना भी है।

प्रो. सुतावने ने कहा कि इस वर्ष स्थापना दिवस को ‘रिकॉग्निशन डे’ यानी सम्मान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सामाजिक पहुंच के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले तीन वर्षों में अनेक शोध परियोजनाएं, आउटरीच कार्यक्रम तथा अकादमिक एवं तकनीकी पहल शुरू की गईं, जिससे संस्थान की शैक्षणिक और अनुसंधान पहचान और मजबूत हुई है।

उन्होंने जेन-जी के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थी तकनीकी ज्ञान हासिल करने के साथ संवेदनशील, जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनने का भी प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि तकनीक का विकास तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग मानवता और समाज के हित में किया जाए।

वरिष्ठ प्रोफेसर शेखर वर्मा ने ट्रिपलआईटी-इलाहाबाद की 28 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों और शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में उसके योगदान को रेखांकित किया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर प्रो. बी.के. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को हमेशा जिज्ञासु बने रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षकों से निरंतर प्रश्न पूछने चाहिए, क्योंकि सवाल करने और जिज्ञासा बनाए रखने से सीखने की प्रक्रिया और बेहतर होती है।

सोसाइटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शंस एंड सिक्योरिटी (सेट्स), चेन्नई के निदेशक डॉ. एन. सुब्रमणियन ने 6जी नेटवर्क में उभरते नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा के बदलते परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने क्वांटम प्रौद्योगिकी, क्वांटम संचार, क्वांटम सुरक्षा और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप संचार प्रणालियां विकसित करना आवश्यक है।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही संस्थान के प्रति उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।

स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रतिभा से सजे कार्यक्रमों ने समारोह में उत्साह और उमंग का रंग भर दिया।

इससे पहले विजिटर हॉस्टल के सामने निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने और अतिथियों ने पौधारोपण कर स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत की। कार्यक्रम के अंत में डीन, छात्र मामले, डॉ. के.पी. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों, निदेशक, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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