शताब्दी वर्ष पर पूर्व छात्रों की मौजूदगी मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : डॉ. राममनोहर

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शताब्दी वर्ष पर पूर्व छात्रों की मौजूदगी मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : डॉ. राममनोहर


शताब्दी वर्ष पर पूर्व छात्रों की मौजूदगी मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : डॉ. राममनोहर


शताब्दी वर्ष पर पूर्व छात्रों की मौजूदगी मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : डॉ. राममनोहर


पूर्व छात्र सम्मेलन के साथ एनी बेसेंट विद्यालय का चार दिवसीय शताब्दी समारोह संपन्न

प्रयागराज, 04 अक्टूबर (हि.स.)। एनी बेसेंट विद्यालय के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व छात्रों का एकत्र होना विद्यालय की गौरवशाली परंपरा और मातृसंस्था के प्रति उनकी कृतज्ञता का प्रतीक है। शताब्दी वर्ष जैसे पावन अवसर पर पूर्व छात्रों की मौजूदगी विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। यह बातें रविवार को एनी बेसेंट विद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के चौथे और अंतिम दिन रविवार को भव्य पूर्व छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए विद्या भारती के क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राममनोहर ने कहीं।

एनी बेसेंट विद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के चौथे और अंतिम दिन रविवार को भव्य पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया। इसके साथ ही चार दिवसीय शताब्दी समारोह का समापन हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विद्यालय के पूर्व छात्र शामिल हुए और उन्होंने विद्यालय में बिताए अपने पुराने दिनों की स्मृतियां साझा कीं।

डॉ. राममनोहर ने कहा कि पूर्व छात्रों का अपनी मातृसंस्था से जुड़ाव विद्यालय की समृद्ध परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती से जुड़ने के बाद विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नए स्वरूप के साथ आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह विद्यालय शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करे, यही सभी की कामना है।

इस अवसर पर डॉ. राममनोहर ने उपस्थित पूर्व छात्रों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। पूर्व छात्रों ने विद्यालय से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि विद्यालय ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विद्यालय के वर्तमान स्वरूप और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।

सम्मेलन में सर्जन डॉ. दिलीप चौरसिया, बृजेन्द्र सिंह, नीलम चौहान, दीपशिखा, विनीता, सुनील पाण्डेय, मधुकर मिश्रा और अनुपम सिंह (आईपीएस) सहित अनेक पूर्व छात्र उपस्थित रहे। सभी ने विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने और भावी विकास में सहयोग देने की बात कही।

चार दिनों तक चले शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के बाद पूर्व छात्र सम्मेलन के साथ शताब्दी समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम विद्यालय के गौरवशाली अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का अवसर बना।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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