बेटियां निरंतर पढ़ाई करें और अपने सपनों को साकार करें : डॉ. अंकिता राज
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम आयोजित, जिलाधिकारी के जीवन से जुड़ा प्रेरक प्रसंग सुनाकर छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
प्रयागराज, 11 अक्टूबर (हि.स.)। “बेटियां निरंतर अध्ययन करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करती रहें।” उक्त बातें रविवार को मुख्य अतिथि डॉ. अंकिता राज ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर छात्राओं से कहा। उन्होंने अपने पति एवं प्रयागराज के जिलाधिकारी के जीवन से जुड़ा प्रेरक प्रसंग साझा कर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। अमृत एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से गयादीन विश्वकर्मा इंटरमीडिएट कॉलेज, भिदिउरा, थरवई में ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
‘सशक्त लड़कियां, मजबूत राष्ट्र’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और करियर निर्माण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधरोपण से हुआ। अतिथियों के स्वागत के बाद छात्राओं ने स्वागत गीत, नृत्य, गीत, कविता और नाटक की प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग की उपनिदेशक शिप्रा विश्वकर्मा ने छात्राओं को अपने भविष्य और करियर के लिए बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। डॉ. पुनीता पाण्डेय ने शक्ति और सशक्तिकरण की अवधारणा समझाते हुए छात्राओं को छह सूत्री संकल्प दिलाया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और जीवन में अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. संतोष कुमार राज सहित जनहित शिक्षा निकेतन, जलालपुर के उदय राज विश्वकर्मा, वरिष्ठ शिक्षाविद नीलम शर्मा, वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ विनोद शर्मा, केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सहायक राममूरत विश्वकर्मा तथा सरस्वती ज्ञान मंदिर के प्रधानाचार्य शैलेश पाल उपस्थित रहे।
शिक्षा और मार्गदर्शन से आत्मनिर्भर बनेंगी बेटियां
कार्यक्रम के आयोजक एवं अमृत एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट, प्रयागराज के अध्यक्ष तीर्थराज विश्वकर्मा और विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार विश्वकर्मा ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, अवसर और उचित मार्गदर्शन देकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षित, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बेटियां ही सशक्त समाज और राष्ट्र की आधारशिला हैं। बालिकाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देकर उनके सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

