मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए मुस्लिम समाज एकजुट हों : डॉ. मुमताज आलम रिजवी

WhatsApp Channel Join Now
मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए मुस्लिम समाज एकजुट हों : डॉ. मुमताज आलम रिजवी


भारतीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक ने सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा—2027 में बसपा की सरकार बनाने के लिए करेंगे प्रयास

प्रयागराज, 12 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनाने और बहन मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए मुस्लिम समाज पूरी ताकत से जुटेगा। मुस्लिम समाज अब राजनीतिक दलों के बहकावे में आने वाला नहीं है। उसे समझ आ गया है कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए किसका साथ देना है। यह बातें सोमवार को इलाहाबाद न्यूज रिपोर्ट क्लब में मीडिया से वार्ता करते हुए भारतीय मुस्लिम मंच (बसपा समर्थक) के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मुमताज आलम रिजवी ने कहीं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं और वर्ष 2027 का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय मुस्लिम मंच का उद्देश्य बसपा को मजबूत करना और मुस्लिम समाज को पार्टी के साथ जोड़ना है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने मुस्लिम समाज को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, जबकि भाजपा की राजनीति से भी समाज के लोग निराश हैं। उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज राजनीतिक परिस्थितियों को समझ रहा है और आगामी चुनाव में बसपा का समर्थन करेगा।

डॉ. रिजवी ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 तक प्रदेश में सपा की सरकार रही, जबकि 2017 से प्रदेश में भाजपा की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारों के कार्यकाल में मुस्लिम समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर जनता को निराशा हुई। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों की भी आलोचना की।

उन्होंने बसपा शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2007 से 2012 के बीच मायावती के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार रही। उनके अनुसार, उस समय कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार के कार्यकाल में समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं और मुस्लिम समाज को भी उनका लाभ मिला।

डॉ. रिजवी ने कहा कि मुस्लिम समाज को अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर जागरूक होना होगा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम मतदाताओं ने सपा का समर्थन किया, लेकिन पार्टी सत्ता में नहीं आ सकी। उनके अनुसार, आगामी चुनाव में मुस्लिम समाज बसपा के पक्ष में मतदान करने का मन बना रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय मुस्लिम मंच बसपा के समर्थन में जनसंपर्क करेगा और लोगों तक अपनी बात पहुंचाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे बहन मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के उद्देश्य से संगठन को मजबूत करने में जुटें।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

759690 Articles

Share this story