माध्यमिक शिक्षकों को बड़ी राहत, पदोन्नति का मार्ग हुआ प्रशस्त

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माध्यमिक शिक्षकों को बड़ी राहत, पदोन्नति का मार्ग हुआ प्रशस्त


प्रयागराज, 23 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश शासन ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हाईस्कूल सहायक अध्यापक से इंटरमीडिएट प्रवक्ता पद पर पदोन्नति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक समस्याओं का समाधान कर दिया है। शासन द्वारा नियमों में आवश्यक संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद हजारों शिक्षकों के लिए पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह जानकारी मंगलवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि शासनादेश संख्या 1163/15-7-2026-1(29)/2019, 18 जून 2026 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि 9 सितंबर 2025 से पूर्व नियुक्त सहायक अध्यापक पूर्व व्यवस्था के अनुसार ही प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए पूर्णतः पात्र (एलिजिबल) माने जाएंगे।

यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए विशेष रूप से राहत लेकर आया है, जो नियमों में हुए बदलाव के कारण पदोन्नति संबंधी असमंजस और कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। शासन के इस कदम से उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान होगा और योग्य शिक्षकों को उनके अनुभव एवं वरिष्ठता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि 9 सितंबर 2025 के शासनादेश के तहत शिक्षकों की नियुक्ति हेतु शैक्षिक अर्हताओं को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के मानकों के अनुरूप निर्धारित किया गया था। हालांकि इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय प्रचलित नियमों एवं अर्हताओं के आधार पर हुई थी। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए शासन ने उनके पदोन्नति अधिकारों की रक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण संशोधन किया है।

शिक्षक संगठनों और शिक्षा जगत ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे शिक्षकों के हित में उठाया गया सकारात्मक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। इस निर्णय से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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