इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय से पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन 30 अक्टूबर तक

WhatsApp Channel Join Now
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय से पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन 30 अक्टूबर तक


नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मिलेगा अवसर, शोध अभिरुचि परीक्षा (आरएटी) के लिए भरना होगा आवेदन पत्र

प्रयागराज, 14 अक्टूबर (हि.स.)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत, पालि, प्राकृत एवं प्राच्य भाषा विभाग में पीएचडी सत्र 2026 में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनिल प्रताप गिरि की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यूजीसी नेट/जेआरएफ या पीएचडी प्रवेश परीक्षा के निर्धारित मानकों के तहत पात्र अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए शोध प्रवेश प्रपत्र भरने के साथ शोध प्रस्ताव और शोध पद्धति से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 30 अक्टूबर 2026 तक विभाग में आवेदन जमा करना होगा।

विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, पीएचडी प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर उसे भरना होगा। इसके साथ शोध प्रस्ताव, शोध परिकल्पना और शोध पद्धति का विवरण देना होगा। शोध प्रस्ताव अधिकतम 1500 शब्दों में होना चाहिए। आवेदन के साथ सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है।

तीन समूहों में होगा प्रवेश

पीएचडी प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को तीन समूहों में रखा गया है। समूह-ए में यूजीसी/सीएसआईआर जेआरएफ उत्तीर्ण सभी पात्र अभ्यर्थी शामिल होंगे। समूह-बी में यूजीसी नेट उत्तीर्ण या केवल पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। इस समूह में सामान्य वर्ग के लिए यूजीसी नेट/पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 152 या उससे अधिक अंक निर्धारित किए गए हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के सभी पात्र अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग श्रेणी के संबंध में सूचना की तालिका में कोई पात्रता अंक नहीं दिया गया है।

समूह-सी में शिक्षकों, सशस्त्र बलों के अधिकारियों, विदेशी अभ्यर्थियों और अंशकालिक अभ्यर्थियों जैसी छूट प्राप्त श्रेणियों को शामिल किया गया है। इस समूह के सभी पात्र अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज

अभ्यर्थियों को यूजीसी/सीएसआईआर नेट या जेआरएफ का अंकपत्र, परास्नातक और स्नातक की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र, इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के अंकपत्र व प्रमाणपत्र जमा करने होंगे। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के निर्धारित प्रारूप में जाति प्रमाणपत्र तथा संबंधित पात्र अभ्यर्थियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र देना होगा।

नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों को वर्तमान नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाणपत्र देना होगा। अंशकालिक अभ्यर्थियों के लिए कम से कम 10 वर्ष के अनुभव का प्रमाणपत्र आवश्यक है। इसके अलावा आधार कार्ड, हाल की दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें और अन्य जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। शोध प्रस्ताव अथवा उद्देश्य विवरण वैकल्पिक है, लेकिन साक्षात्कार के दौरान इसे प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल प्रताप गिरि ने पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

761005 Articles

Share this story