सात जरूरतमंद वैश्य परिवारों को मिली 15.59 लाख रुपये की सहायता
वीआईए का उद्देश्य केवल मदद करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाना : नन्दी
प्रयागराज, 22 अगस्त (हि.स.)। वैश्य इंटरनेशनल एसोसिएशन (वीआईए) की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री एवं वीआईए के संरक्षक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी की स्वीकृति पर सात जरूरतमंद वैश्य परिवारों को कुल 15 लाख 59 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। सहायता राशि के चेक संबंधित लाभार्थियों को दिए गए।
हापुड़ से वरिष्ठ समाजसेवी नरेंद्र अग्रवाल और अर्चना कंसल द्वारा प्रस्तावित तीन जरूरतमंद परिवारों को सहायता दी गई। इनमें आरती गर्ग को तीन लाख रुपये, प्रीति गर्ग को व्यवसाय बढ़ाने के लिए दो लाख 50 हजार रुपये और मधु गुप्ता को बेटे की पढ़ाई के लिए पांच लाख रुपये की सहायता शामिल है।
इसी क्रम में चंदौसी निवासी किंशुक अग्रवाल को बीटेक की पढ़ाई के लिए एक लाख 50 हजार रुपये, दिल्ली निवासी रिंकी गुप्ता को बेटे की शिक्षा के लिए एक लाख 59 हजार रुपये और ग्रेटर नोएडा निवासी बाला देवी को आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता दी गई।
50 हजार से शुरू हुआ सफर, अब अपना ई-कार्ट
वीआईए की सहायता से गाजियाबाद में सब्जी बेचकर जीवनयापन करने वाले विष्णु गुप्ता के आत्मनिर्भर बनने की कहानी भी सामने आई। पिछले वर्ष वीआईए ने उन्हें 50 हजार रुपये की सहायता दी थी। इस राशि से उन्होंने किराये की पुरानी गाड़ी का भुगतान पूरा किया और निर्धारित राशि वापस भी की।
इसके बाद उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए वीआईए ने उन्हें एक लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई। इससे विष्णु गुप्ता ने अपना ई-रिक्शा/ई-कार्ट खरीदने का सपना पूरा किया। अब वह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
वीआईए के संरक्षक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है। जब व्यक्ति की मेहनत के साथ समाज का सहयोग जुड़ता है तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। सेवा से स्वावलंबन तक’ वीआईए की कार्यशैली की पहचान है।
संगठन की ओर से बताया गया कि जरूरतमंद परिवारों की शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

