कानून-व्यवस्था व चिकित्सा सेवाओं पर पुलिस-चिकित्सक मंथन

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कानून-व्यवस्था व चिकित्सा सेवाओं पर पुलिस-चिकित्सक मंथन


कानपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। नववर्ष 2026 के अवसर पर जनपद की कमिश्नरेट पुलिस द्वारा प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सकों एवं निजी क्लिनिक संचालकों के साथ शनिवार को एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की अध्यक्षता में कमिश्नरेट पुलिस कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें जनपद भर से लगभग 300 मेडिकल प्रोफेशनल्स ने सहभागिता की।

गोष्ठी के दौरान चिकित्सकों द्वारा विभिन्न समस्याएं पुलिस प्रशासन के समक्ष रखी गईं। कांशीराम ट्रॉमा सेंटर में बढ़ती मरीजों की भीड़ एवं परिजनों से होने वाले विवादों को देखते हुए पुलिस चौकी स्थापना की मांग की गई।

आईएमए अध्यक्ष ने डॉक्टरों पर गैर इरादतन हत्या के मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए सीएमओ द्वारा गठित समिति की जांच के बाद ही कार्रवाई किए जाने की मांग रखी। एलपीएस निदेशक ने अस्पताल परिसर में अतिक्रमण और गंदगी की समस्या से अवगत कराया। जबकि जीएसवीएम कॉलेज के प्रिंसिपल संजय काला ने परिसर में अवैध अतिक्रमण, गैरकानूनी एम्बुलेंस संचालन, हैलेट चौकी में पुलिस बल की कमी और अस्पताल के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या उठाते हुए एक अतिरिक्त चौकी की मांग की। डॉ. लालचंदानी ने मेडिकल उपकरणों की खरीद में होने वाली धोखाधड़ी, थाना व चौकी पुलिस के व्यवहार, सीएचसी बिधनू के आसपास अवैध वाहनों की पार्किंग तथा झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता से उत्पन्न समस्याओं पर पुलिस सहयोग की आवश्यकता बताई।

गोष्ठी में बढ़ते साइबर अपराधों, उनके तरीकों, दुष्प्रभावों तथा बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। साइबर अपराध से निपटने में जनजागरूकता अभियानों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। महिला संबंधी अपराधों में पीड़िताओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए चिकित्सकों की सक्रिय भूमिका पर प्रकाश डाला गया तथा पुलिस आयुक्त ने मिशन शक्ति अभियान और थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों की जानकारी दी।

इसके साथ ही दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में किसी भी प्रकार की देरी न करने, सभी मेडिको-लीगल मामलों की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को देने तथा आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के लिए अस्पतालों की रियल लोकेशन मैपिंग कराने पर भी सहमति बनी।

गोष्ठी में एमडीएमए, ब्राउन शुगर, कोकीन, चरस एवं ओपियम डेरिवेटिव जैसी नशीली दवाओं के दुरुपयोग से युवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभावों तथा कानपुर में नशे की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई। पुलिस आयुक्त ने चिकित्सकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सीएमओ अथवा मेडिकल विशेषज्ञों से परामर्श के बिना डॉक्टरों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी तथा किसी भी मुकदमे में निष्पक्ष व न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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