यूपी के कई जिलों के पीसीएस अफसरों का रुका वेतन जारी करने का आदेश, सेवा अभिलेख उपलब्ध कराने में देरी बनी वजह
लखनऊ, 02 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कई जिलाें में प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारियों को अप्रैल और मई के रुके वेतन काे जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इन जिलाें से अफसराें की सेवा पुस्तिका उपलब्ध कराने में देरी के कारण यह स्थिति बनी थी लेकिन अब शासन ने वेतन न मिलने से होने वाली दिक्कतों का संज्ञान लेते हुए आदेश किया है। साथ ही सेवा पुस्तिकाओं की जांच भी तेज कर दी गयी है।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव अनिल कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार नियुक्ति अनुभाग-11 ने 7 अप्रैल को जारी शासनादेश के तहत पीसीएस कैडर के सभी अधिकारियों का वेतन प्राधिकार पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी। एक अप्रैल से समूह ‘ख’ के मैट्रिक्स लेवल-10 के अधिकारियों का वेतन प्राधिकार पत्र भी इसी अनुभाग से निर्गत किया जाना था लेकिन प्रक्रिया में देरी की मुख्य वजह जनपदों द्वारा सेवा पुस्तिका समय पर न भेजना बनी। पत्र में बताया गया है कि अप्रैल 2026 में लगभग किसी भी जनपद ने सेवा पुस्तिका उपलब्ध नहीं कराई। मई के अंतिम सप्ताह में शासन स्तर से बार-बार निर्देश देने के बाद करीब 60 जनपदों ने सेवा पुस्तिका भेजी।
प्राप्त सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर वेतन प्राधिकार पत्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रकार कुछ जनपदों में नायब तहसीलदार और तहसीलदार पदों पर वेतन निर्धारण में विसंगतियां भी पाई गईं। इन विसंगतियों के कारण वेतन प्राधिकार पत्र निर्गत करने में अतिरिक्त समय लग रहा है। शासन के संज्ञान में आया है कि वेतन प्राधिकार पत्र के अभाव में कई जनपदों ने अप्रैल और मई 2026 का वेतन आहरित ही नहीं किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन ने निर्देश दिया है कि वेतन प्राधिकार पत्र जारी होने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए पीसीएस कैडर के समूह ‘ख’ के सभी अधिकारियों को अप्रैल और मई 2026 का वेतन ‘पूर्व दर’ पर ही आहरित और वितरित किया जाए। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में रुका हुआ वेतन अधिकारियों के खातों में पहुंच जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

