दिव्यांगों की समस्याओं पर प्रशासन गंभीर नहीं, मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा : वीरेन्द्र कुमार

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दिव्यांगों की समस्याओं पर प्रशासन गंभीर नहीं, मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा : वीरेन्द्र कुमार


कानपुर, 14 मई (हि.स.)। दिव्यांगजन अधिनियम 2016 का अनुपालन नहीं होने और दिव्यांगों की समस्याओं के समाधान में प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी द्वारा सरसैया घाट पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को लेकर कानपुर में गुरुवार को सरसैया घाट और नानाराव पार्क में प्रदर्शन हुआ। प्रशासन की अनदेखी के कारण दिव्यांगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है और मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर के दिव्यांग कानपुर में शक्ति प्रदर्शन करेंगे।

यह बातें गुरुवार को राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने कही। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम आज सरसैया घाट पर आयोजित होना था। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार धरना प्रदर्शन की अनुमति के लिए एक सप्ताह पहले एसीपी कोतवाली को प्रार्थना पत्र दिया गया था। आरोप है कि 13 मई की रात लगभग साढ़े दस बजे पुलिस कर्मियों ने जिला अध्यक्ष राहुल कुमार के घर पहुंचकर सरसैया घाट पर धरना की अनुमति न होने की जानकारी दी, जबकि दिन में एसीपी से हुई वार्ता में धरना वहीं करने की बात कही गई थी।

धरना में शामिल होने पहुंचे दिव्यांग सरसैया घाट पहुंच गए, जहां प्रशासन की ओर से उन्हें नानाराव पार्क में धरना देने के लिए कहा गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार के आने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। बाद में अधिकारियों से बातचीत के बाद वीरेन्द्र कुमार सरसैया घाट पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को साथ लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नानाराव पार्क पहुंचे, जहां धरना शुरू किया गया। अधिकारियों ने पत्र लेकर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी दिव्यांगजन अधिनियम 2016 की विभिन्न धाराओं और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। बाद में रिपोर्ट दर्ज करने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया।

वीरेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर छह चरणों की वार्ता के बाद लिए गए निर्णयों का भी पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि उर्सला अस्पताल में वेरा जांच मशीन लगाने का आदेश अगस्त 2025 में जारी हुआ था, लेकिन अब तक मशीन नहीं लगाई गई। इसके अलावा राशन की दुकानों में दिव्यांगों के आरक्षण कोटे का पालन नहीं हो रहा है और नगर निगम की फेरी नीति के तहत दिव्यांगों को दुकान और स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कानपुर नगर में दिव्यांगजन अधिनियम 2016 का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है और कई मामलों में दिव्यांगों की रिपोर्ट तक थानों में दर्ज नहीं की जा रही है। प्रशासन की अनदेखी के कारण दिव्यांगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशभर के दिव्यांग कानपुर में एकत्र होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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