विंध्याचल धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच रविवार से नवरात्र मेला, जिलाधिकारी ने देखी व्यवस्थाएं
- अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद कई जगह अधूरे मिले कार्य
- गंगा घाटों की गंदगी पर डीएम ने जताई नाराजगी
मीरजापुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के मद्देनजर शनिवार मध्यरात्रि से उत्तर प्रदेश के मीरजापुर स्थित प्रमुख देवी धाम विंध्याचल में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना के बीच मेला क्षेत्र में तैयारियां की गई हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर, काली खोह और अष्टभुजा मंदिर सहित प्रमुख स्थलों पर आकर्षक प्रकाश सज्जा की गई है। मंदिरों तक जाने वाले मार्गों पर दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों को सजाया है। हालांकि, अधिकारियों के लगातार निरीक्षण और कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए निर्देशों के बावजूद नवरात्र की पूर्व संध्या तक कई जगह व्यवस्थागत खामियां दिखाई दीं।
गंगा का जलस्तर पीछे जाने से घाटों की सीढ़ियों और किनारों पर कीचड़ जमा था। विंध्याचल की कई गलियों में जगह-जगह कूड़ा भी दिखाई दिया। त्रिकोण मार्ग पर उभरी गिट्टियों को दुरुस्त नहीं किया जा सका, जिससे नंगे पांव परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। खासकर नगरपालिका के जिम्मे आने वाले कार्यों में अधूरेपन को लेकर सवाल उठे।
शनिवार दोपहर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने गंगा घाटों और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। घाटों पर मिट्टी और कचरा देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगरपालिका के ईओ गोआ लाल को निर्देश दिया कि घाटों के किनारों पर जमा कीचड़ और कूड़े की तत्काल सफाई कराई जाए।
उधर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विंध्य क्षेत्र में प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से सस्ते दर पर पूड़ी-सब्जी का स्टाल लगाया गया है। निशुल्क ठहरने के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है। रोडवेज परिसर में नवरात्र के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

