उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए 07 संग्रहालय निर्माणाधीन: जयवीर सिंह

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उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए 07 संग्रहालय निर्माणाधीन: जयवीर सिंह


लखनऊ, 28 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन संग्रहालय परियोजना के तहत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े नए संग्रहालयों की स्थापना की जा रही है। यह पहल प्रदेश की समृद्ध विरासत को संरक्षित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों व शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। संस्कृति विभाग, उ.प्र. ने 07 प्रमुख संग्रहालय निर्माणाधीन हैं। इनमें गोरखपुर, बाराबंकी, वाराणसी, कौशांबी एवं सुल्तानपुर, अयोध्या, लखनऊ तथा बिजनौर के संग्रहालय शामिल हैं। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।

उन्होंने मंगलवार को बताया कि गोरखपुर में गोरखा संग्रहालय, गोरखा रेजीमेंट के शौर्य बलिदान एवं सैन्य इतिहास पर केंद्रित ऐतिहासिक दस्तावजे, सैन्य उपकरण और गोरखा योद्धाओं की वीर गाथाएं संग्रहीत की जाएगी। इसी प्रकार पद्म श्री बाबू केडी सिंह की स्मृति में बाराबंकी में संग्रहालय का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा संत रविदास संग्रहालय एवं सांस्कृतिक केन्द्र वाराणसी में निर्माणाधीन है, जिसमें संत रविदास के जीवन, उपदेशों और भक्ति आंदोलन में उनके योगदान को समर्पित होगा।

उन्होंने बताया कि जिला संग्रहालय कौशांबी एवं सुल्तानपुर का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें कौशांबी और सुल्तानपुर के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व पर केंद्रित प्राचीन काल से लेकर आधुनिक इतिहास से जुड़े दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे। जिला स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, अयोध्या में निर्माणाधीन संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जीवनगाथा पत्राचार और दुर्लभ चित्र संग्रहीत किए जांएगे।

इसके अलावा उ.प्र. संस्कृति संग्रहालय लखनऊ में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, लोककला, संगीत, नृत्य और परंपराओं पर केंद्रित इंटरऐक्टिव प्रदर्शनी और मल्टीमीडिया गैलरी की व्यवस्था होगी। जयवीर सिंह ने बताया कि जनपद बिजनौर में स्व. दुष्यंत कुमार संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है जो गजलकार, दुष्यंत कुमार की स्मृति में उनकी रचनाओं, पाण्डुलिपियों और साहित्यिक योगदान का संग्रह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन संग्रहालयों के बन जाने से पर्यटकों एवं आगंतुकों को अपने अतीत को जानने और उनकी स्मृति को सजोने का एक अवसर प्राप्त होगा तथा शोधार्थियों के लिए भी प्रचुर सामग्री प्राप्त होगी।

राज्य सरकार का संस्कृति विभाग प्रदेश की गौरवशाली विरासत और चेतना के केन्द्रों तथा महापुरूषों के योगदान को संरक्षित रखकर भावी पीढ़ी को सौंपने के उद्देश्य से संग्रहालयों की स्थापना करा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

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