मां बाप का सम्मान करने से सूर्य, चंद्र और ग्रह नक्षत्र ठीक हो जाते हैं - लक्ष्मी पाठक
वाराणसी, 26 अप्रैल(हि. स.)। प्रभुजन सेवा संस्थान की अध्यक्ष और मातृशक्ति आयाम कुटुंब प्रबोधन की भाग संयोजिका का लक्ष्मी पाठक ने कुंडली में ग्रहों की चाल ठीक करने का तरीका बताते हुए कहा कि आज के समय में हर इंसान परेशान है। पंडितों को अपनी कुंडलिया दिख रहा है। कौन सा पत्थर पहने, कौन सा यंत्र पहने कि जिससे हमारे घर में सुख समृद्धि आए। पत्थर पहनने से, मंदिर में सिर्फ पूजन करने से, ना आपके ग्रह नक्षत्र सही हो सकते हैं, और ना ही आपको मानसिक शांति मिल सकती है। इसके पीछे का कारण है कि आप अपने घर में मां बाप का अनादर कर रहे हैं, उनका सम्मान कीजिए। पिता सूर्य के समान है और माता चन्द्रमा के समान है। अगर आपके ग्रह खराब है, आपको अपना ग्रह मजबूत करना है तो आप मां-बाप की सेवा करें।
लक्ष्मी पाठक ने कहा कि भगवान को किसी ने देखा नहीं, इन्हीं बुजुर्गों में मां-बाप में ईश्वर विराजमान है। शास्त्रों में भी लिखा है, पिता सूर्य के समान है और माता चंद्रमा के समान। माता के आंचल में चंद्रमा के समान शीतलता है तो पिता अपने बच्चों को सूर्य के समान प्रकाश वान बनाता है। जब आपका सूर्य मजबूत होता है तो आपके जीवन में समृद्धि, धन, संपत्ति, यश, कीर्ति सब रहता है और जब आपका चंद्रमा मजबूत रहेगा तो शांति शीतलता आपको प्राप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि आज के समय में वृद्ध आश्रम में बेटियां अपने माता-पिता को, सास ससुर को भेज दे रहे हैं। मां- बाप जब रो रहे हैं, वृद्ध आश्रम में उनका मन दुखी है तो वह कहां से बच्चों के लिए आशीर्वाद निकाल पाएंगे। मां-बाप कभी श्राप नहीं देते हैं लेकिन मां-बाप के जो आंसू होते हैं, वही श्राप बन जाता है और सारा ग्रह खराब कर देता है। आप सभी अपने माता-पिता का ख्याल रखें, उनकी सेवा करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

