मकर संक्रांति : मुरादाबाद की रामगंगा व गागन में गंदगी, डुबकी लगाने से श्रद्धालुओं ने किया परहेज
-मकर संक्रांति पर लोगों ने दान कर कमाया पुण्य
मुरादाबाद, 15 जनवरी (हि.स.)। स्नान दान के पुण्य पर्व मकर संक्रांति पर गंदगी के चलते आज पवित्र पावनी रामगंगा और गागन नदी में श्रद्धालुओं ने इस बार भी स्नान करने से परहेज किया। पीतलनगरी के अनेकों लोगों ने हरिद्वार, ब्रजघाट में पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। वहीं महापौर विनोद अग्रवाल ने इस बाबत कहा की छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा पर रामगंगा व गागन नदी पर साफ सफाई आदि की पूरी व्यवस्था नगर निगम की ओर से रहती है लेकिन मकर संक्रांति पर गंदगी क्यों रही, इसकी जांच कराई जाएगी।
पीतलनगरी मुरादाबाद में गुरुवार को स्नान दान का पुण्य पर्व मकर संक्रांति धूमधाम से श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने उत्तरायण में आए भगवान सूर्य की आराधना, नमस्कार और अर्घ्य देकर स्वागत अभिनंदन किया। लोगों ने खिचड़ी, गजक, रेवड़ी, विभिन्न प्रकार की वस्तुएं, मिठाई, कपड़े, जरूरतमंद की चीजें इत्यादि दान करके पुण्य लाभ अर्जित किया। वहीं विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संगठनों, मंदिर समितियों, क्लबों, चैरिटेबल ट्रस्टों आदि के द्वारा खिचड़ी आदि का जगह-जगह वितरण किया गया।
मकर संक्रांति के दिन उड़द की दाल की खिचड़ी और तिल से बने सामान आदि दान का बहुत महत्व है। अधिकांश घरों में भी उड़द की दाल की खिचड़ी ही बनाई गई। आस्थावान लोगों ने मंदिरों और बाह्मणों के घर पर दान का सामान पहुंचाया। दान का यह सिलसिला भी शाम तक चलता रहा।
हाथों में जल लेकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया
मकर संक्रांति पर रामगंगा और गगर नदी में स्नान करने पहुंची सुशीला पारुल, रेखा, साधना, शीला, ओमवती, राम सिंह सुमित, घनश्याम, अमित आदि ने बताया कि रामगंगा और गागन नदी में गंदगी देखने के बाद स्नान करने की इच्छा नहीं हुई। बस आस्था के नाम पर नदी के बीच में जाकर हाथों में जल लेकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दे दिया। दोनों नदियों में नालों का सीधा जुडाव है और जानवरों के स्नान व प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं है इसी वजह से रामगंगा और गागन में गंदगी रहती है।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

