‘मीरजापुर कईल गुलजार...’ पर झूम उठा चुनार, कजरी के रंग में रंगा सुरभि संस्थान
मीरजापुर, 09 अगस्त (हि.स.)। सावन की फुहार और कजरी की मिठास ने रविवार को चुनार के रामबाग स्थित सुरभि शोध संस्थान को सुरों से गुलजार कर दिया। श्री राधा कृष्ण वनवासी छात्रावास एवं संस्कार भारती काशी प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कजरी महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों से आईं छात्राओं ने लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कजरी गायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव और अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली रहे। मणिपुर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, त्रिपुरा और असम समेत विभिन्न राज्यों से संस्थान में अध्ययनरत वनवासी छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
छात्राओं ने ‘सावन झर लागेला धीरे-धीरे’, ‘हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया’, ‘कृष्ण बने मनिहारी, पहिन लिए साड़ी हो रामा’ और ‘रिमझिम बरसेला सवनवा, कहिया अइहे सजनवा’ जैसे कजरी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया।
इसके बाद पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने ‘कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया’, ‘बदरिया घिर आई ननदी’ और ‘मिर्जापुर कईल गुलजार, कचौड़ी गली सून कईल बलमू’ जैसे लोकप्रिय कजरी गीत सुनाकर माहौल को यादगार बना दिया। उन्होंने वनवासी छात्राओं की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक सूर्यकांत जालान, प्रभारी अमित चतुर्वेदी, व्यवस्थापक दीपक सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। महोत्सव ने लोक संस्कृति और विभिन्न राज्यों की छात्राओं के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

