मीरजापुर : कीचड़ भरे रास्ते से परेशान सरकारी स्कूल के बच्चों ने किया प्रदर्शन, सड़क निर्माण के आश्वासन पर माने

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मीरजापुर : कीचड़ भरे रास्ते से परेशान सरकारी स्कूल के बच्चों ने किया प्रदर्शन, सड़क निर्माण के आश्वासन पर माने


मीरजापुर, 07 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के सिटी ब्लॉक के चेरूईराम कंपोजिट विद्यालय तक पक्की सड़क नहीं होने से परेशान छात्र-छात्राओं ने सोमवार को स्कूल के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने ‘रास्ता दो-रास्ता दो’ और ‘हमारी मांगें पूरी करो’ के नारे लगाए। बारिश के बीच भी बच्चे अपनी मांग पर डटे रहे। बाद में मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और बीडीओ ने सड़क निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

चेरूईराम गांव स्थित इस विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक करीब 450 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को सुबह आठ बजे विद्यालय में पढ़ाई शुरू होने के बाद करीब 10 बजे छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर निकल आए और गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। बच्चों का कहना था कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। मुख्य सड़क से उतरने के बाद करीब एक किलोमीटर की दूरी खेतों की संकरी मेड़ के सहारे तय करनी पड़ती है।

ग्रामीणों के अनुसार, मेड़ करीब डेढ़ फीट चौड़ी है। बारिश के दिनों में रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे बच्चों के फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है। कई बार बच्चाें के कीचड़ में गिरने से कपड़े और स्कूल बैग खराब हाे जाते हैं। रास्ते की स्थिति अधिक खराब होने पर कुछ बच्चों को बीच रास्ते से ही वापस घर लौटना पड़ता है।

प्रदर्शन के दौरान बारिश शुरू हो गई। बच्चों को भीगता देख ग्रामीणों ने तिरपाल की व्यवस्था की और बांस-बल्ली के सहारे उसके नीचे छांव बनाई। इसके बाद बच्चे तिरपाल के नीचे बैठकर प्रदर्शन करते रहे। अभिभावकों और शिक्षकों ने भी बच्चों का समर्थन किया। कक्षा आठ के छात्र रोहित चौहान ने बताया कि स्कूल आने के लिए करीब एक किलोमीटर खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है। कीचड़ के कारण कई बार फिसलकर गिर चुके हैं। छात्र आकाश ने बताया कि रास्ता इतना खराब है कि कई बार स्कूल पहुंचने के बजाय घर लौटना पड़ता है। कक्षा छह की छात्रा सृष्टि विश्वकर्मा ने बताया कि बारिश में रास्ते पर गिरने से बैग और किताबें भीग जाती हैं।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूल का निर्माण 1983 में हुआ था और तभी से रास्ते की समस्या बनी हुई है। विद्यालय में करीब 450 बच्चे पंजीकृत हैं और आसपास के पांच पुरवों से छात्र-छात्राएं यहां पढ़ने आते हैं। खराब रास्ते के कारण बच्चों के साथ शिक्षकों और कर्मचारियों को भी परेशानी होती है।

अभिभावकों ने बताया कि पिछले वर्ष भी सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना दिया गया था, तब भी आश्वासन मिला था। इस बार अधिकारियों ने जल्द काम शुरू कराने का भरोसा दिया है। कहा कि निर्धारित समय में काम शुरू नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। बच्चों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सदर तहसील के नायब तहसीलदार सुरेंद्र प्रताप सिंह और बीडीओ रविंद्र शुक्ल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सड़क निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब दो घंटे से चल रहा धरना समाप्त हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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