मीरजापुर : भरत चरित्र में भाई के प्रति निस्वार्थ प्रेम और त्याग का संदेश
मीरजापुर, 04 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के जमालपुर क्षेत्र के बहुआर गांव स्थित रवींद्रालय में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मंगलवार शाम कथा वाचिका बाल विदुषी शिखा तिवारी ने भरत चरित्र का प्रसंग सुनाया। उनके भावपूर्ण वर्णन से श्रोता भक्ति भाव में सराबोर हो गए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को मनाने के लिए भरत जी चित्रकूट पहुंचे थे, लेकिन श्रीराम ने रघुकुल की मर्यादा और आदर्शों के पालन के लिए वन में ही रहने का निर्णय लिया। भरत जी ने निष्काम भ्रातृ प्रेम, त्याग और समर्पण का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने भगवान श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिर पर धारण कर अयोध्या की राजगद्दी पर स्थापित किया और उनके प्रतिनिधि के रूप में राज्य का संचालन किया।
कथा वाचिका ने कहा कि भरत चरित्र समाज को निस्वार्थ प्रेम और मानवता की रक्षा का संदेश देता है। प्रसंग सुनकर कथा पंडाल में मौजूद श्रोता भावुक हो उठे।
कथा में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख मंजू सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख आनंद सिंह ‘बंटू’ ने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया। कथा संयोजक रवि प्रकाश त्रिपाठी ने सभी के प्रति आभार जताया। इस दौरान अमरनाथ सिंह, नंदेश्वर त्रिपाठी, संजय तिवारी, जंगबहादुर सिंह, विजेंद्र प्रताप सिंह, वरुण त्रिपाठी, श्रीपति उपाध्याय और रामजनम सिंह समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

