व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट

WhatsApp Channel Join Now
व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


व्यापक अनुसंधान से संभव हुआ कैंसर का भी इलाज : डॉ. अनंत नारायण भट्ट


गोरखपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। आणविक चिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन नई दिल्ली के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत नारायण भट्ट ने कहा कि वायरल संक्रमण एवं कैंसर में कोशिकीय चयापचय में होने वाले परिवर्तनों को समझकर ही सम्यक चिकित्सकीय निदान किया जा सकता है। इसे लेकर देश में व्यापक अनुसंधान से लाइलाज मान लिए गए कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज भी तेजी से हो रहा है।

डॉ. भट्ट महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के पांचवें स्थापना दिवस सप्ताह के अंतर्गत चल रही सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के तीसरे दिन सोमवार ‘वायरल संक्रमण और कैंसर में चिकित्सीय लाभ के लिए चयापचय संबंधी परिवर्तनों को लक्षित करना’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में अपनी बात रख रहे थे। युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन स्मृति में आयोजित व्याख्यान में डॉ. भट्ट ने कहा कि वायरल संक्रमण और कैंसर, दोनों का ही शुरुआती चरण में परीक्षण किया जाना आवश्यक है। देरी होने पर ये घातक हो जाते हैं जबकि समय पर पहचान हो जाने से इनका निदान आसानी से हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी रोग पर जितना अधिक अनुसंधान होगा, उतना ही उसके इलाज की नई पद्धतियों का सृजन होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बहुविषयक अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।

‘डीएनए से निदान तक: पीसीआर एवं आरटी-पीसीआर की कार्यप्रणाली और नैदानिक उपयोग’ विषय पर व्याख्यान देते हुए विशिष्ट अतिथि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, गोरखपुर के वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह ने पीसीआर एवं आरटी-पीसीआर की कार्यप्रणाली, नैदानिक उपयोग तथा आणविक निदान में उनकी भूमिका को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रयोगशाला गुणवत्ता, वैज्ञानिक आंकड़ों और अनुसंधान नैतिकता के महत्व से भी अवगत कराया। व्याख्यान के दौरान दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्हें नवीन शोध-पत्रों के अध्ययन, वैज्ञानिक जिज्ञासा तथा अनुसंधान को व्यावहारिक स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।

व्याख्यानमाला की अध्यक्षता महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने की। अतिथियों का स्वागत स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार सिंह ने तथा संचालन डॉ. अनुकृति राज ने किया। इस अवसर पर डॉ. अमित दुबे, डॉ. प्रेरणा अदिति, डॉ. अवेद्यनाथ, डॉ. रश्मि शाही, डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव, धनंजय पाण्डेय सहित स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान संकाय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

Share this story