ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उप्र में दवा मार्केट एवं मेडिकल प्रतिष्ठान रहे बंद

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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उप्र में दवा मार्केट एवं मेडिकल प्रतिष्ठान रहे बंद


लखनऊ, 20 मई (हि.स.)। ऑनलाइन दवा बिक्री के नियमन और वैधता के खिलाफ बुधवार को ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर दवा कारोबारी एवं मेडिकल प्रतिष्ठानों की 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर बुधवार को उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर देखने को मिला।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद आदि सभी जिलों में दवा कारोबारियाें ने हड़ताल का समर्थन करते हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखें और ऑनलाइन बिक्री का विरोध जताया।

इस 24 घंटे के बंद के कारण सामान्य मरीजों को अपनी नियमित दवाएं खरीदने में असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं, जन औषधि केंद्रों और अस्पताल से जुड़े मेडिकल स्टोर्स को हड़ताल से मुक्त रखा गया था ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो।

लखनऊ के न्यू मेडिकल मार्केट के दवा कारोबारी ओम प्रकाश (रिलाइंस फार्मा) अध्यक्ष और महामंत्री शिवम दुबे (आरिया फार्मा) ने बताया कि बिना उचित नियमों और स्पष्ट वैधता के ऑनलाइन माध्यमों से दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पर्चों के जरिए आसानी से दवाइयां मिल जाती हैं, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है।

अध्यक्ष ओम प्रकाश का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट' नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने इससे एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट और 'प्रीडेटरी प्राइसिंग' से छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं के कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

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