लखनऊ के दिवाली मेले में महिलाओं की मेहनत को मिलेगा बाजार

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लखनऊ के दिवाली मेले में महिलाओं की मेहनत को मिलेगा बाजार


- आकांक्षा के मसाला मठरी केंद्र से 120 से अधिक महिलाओं को मिल चुका रोजगार

- अब सिलाई का प्रशिक्षण देकर महिलाओं की कमाई के नए रास्ते खोलने की तैयारी

- सीएसआई क्लब में 24 अक्टूबर को सुबह 11 से रात 10 बजे तक होगा आयोजन

लखनऊ, 22 अक्टूबर (हि.स.)। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली आकांक्षा समिति की पहल इस बार दिवाली मेले के जरिए नए खरीदारों तक पहुंचेगी। 24 अक्टूबर को लगने वाले मेले में समिति के मसाला मठरी केंद्र के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। लखनऊ के इस केंद्र से अब तक 120 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल चुका है। महिला उद्यमियों, कारीगरों और सामाजिक संस्थाओं को भी यहां अपने उत्पाद लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

उत्तर प्रदेश आइएएस आफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन का यह पहला दिवाली मेला राजभवन कालोनी स्थित सीएसआई क्लब के लाॅन में आयोजित होगा। सुबह 11 से रात 10 बजे तक चलने वाले आयोजन में खरीदारी के साथ खानपान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए खेल व अन्य गतिविधियां भी होंगी।

एसोसिएशन और आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डाॅ. नीलू गोयल ने कहा कि महिलाओं को हुनर सिखाने के साथ उनकी कमाई का रास्ता बनाना जरूरी है। सशक्तीकरण केवल सहायता देने का नाम नहीं है। इसका मतलब महिलाओं के जीवन में ऐसा आर्थिक बदलाव लाना है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। हमारी कोशिश जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक निर्भरता से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर बनाना है।

मसालों और खाद्य उत्पादों के जरिए रोजगार देने के बाद आकांक्षा अब सिलाई के प्रशिक्षण की शुरुआत कर रही है। इसमें महिलाओं को पेशेवर सिलाई और परिधान तैयार करने का काम सिखाया जाएगा। उद्देश्य है कि महिलाएं नया हुनर सीखकर अपनी आय का जरिया बना सकें। इसके साथ ही समिति क्षेत्रीय महिला स्वयं सहायता समूहों के बनाए मसालों और खाद्य उत्पादों को अपने नाम से बाजार तक पहुंचाने का काम जारी रखेगी। डा. गोयल के अनुसार, ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद सीधे खरीदारों तक पहुंचेंगे तो उनके काम को पहचान मिलेगी और कारोबार आगे बढ़ाने के अवसर बनेंगे।

दिवाली मेले में आकांक्षा के उत्पादों के साथ महिला शरणालय की हस्तनिर्मित वस्तुएं और दृष्टि संस्था के उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। लोग साड़ियां, चिकनकारी के वस्त्र, आभूषण, कालीन, मिट्टी के सजावटी सामान, हस्तशिल्प और घर की सजावट की वस्तुएं खरीद सकेंगे।

वर्ष 1987 में स्थापित आकांक्षा समिति एसोसिएशन की समाजसेवा इकाई है। प्रदेश के कई जिलों में इसकी समितियां महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार के लिए काम करती हैं। महिलाओं और बच्चों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं व जरूरी सेवाओं से जोड़ना भी इसके कार्यों में शामिल है।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

Livevns.news Desk
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