युवाओं को बढ़-चढ़ कर करना होगा ए आई का सदुपयोग : दानिश आजाद अंसारी

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युवाओं को बढ़-चढ़ कर करना होगा ए आई का सदुपयोग : दानिश आजाद अंसारी


युवाओं को बढ़-चढ़ कर करना होगा ए आई का सदुपयोग : दानिश आजाद अंसारी


लखनऊ, 17 मार्च (हि.स.)। लखनऊ विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की अटल सुशासन पीठ द्वारा ए आई पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के समापन समारोह में मंगलवार काे मुख्य अतिथि दानिश आजाद अंसारी, राज्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण विभाग रहे, जबकि अध्यक्षता प्रो अरविंद मोहन, अधिष्ठाता, कला संकाय, लखनऊ विश्विद्यालय ने की। संगोष्ठी के आयोजक प्रो नंदलाल भारती, संयोजक, अटल सुशासन पीठ एवं विभागाध्यक्ष, लोक प्रशासन विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय थे।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि ए आई हर क्षेत्र और हर विषय में प्रभावी होता जा रहा है और कामों को आसान बनाता जा रहा है। उन्होंने ए आई के सही प्रयोग पर बल दिया और नैतिकता के साथ इसके उपयोग करने की बात कही। अंसारी ने युवाओं से अपील की कि वे सकारात्मक रूप से ए आई को अपने सामान्य व्यवहार के जीवन में अपनाएं। उन्होंने छात्रों को विश्विद्यालय में आने से मिल रहे सुअवसरों का भरपूर उपयोग करने पर बल दिया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर अरविंद मोहन ने ए आई को छात्रों एक अच्छा साथी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे शिक्षण कार्यों में ए आई एक सहयोगी के रूप में इस्तेमाल करें न कि एक विकल्प के रूप में। प्रो मोहन ने इस बात को भी रेखांकित किया कि किस प्रकार से ए आई ने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। समापन समारोह में संगोष्ठी की रिपोर्ट केंद्रीय विश्वविद्यालय कर्नाटक के सहायक आचार्य डॉ आलोक कुमार गौरव द्वारा पढ़ी गई। समारोह का संचालन विभाग की शोधार्थी ऋचा यादव ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन विभाग के शिक्षा डॉ एस एस चौहान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ उत्कर्ष मिश्र, डॉ अविनाश कुमार, स्वाति दास, कौशांबी, अमित कुमार, एकांश अवस्थी, राजेश कुमार, अणिमा शुक्ला, विनोद कुमार, राज तिवारी, पयोध कांत, अंबेश, भुवनेश, सहित अन्य विद्यार्थी और शोधार्थी शामिल रहे।

संगोष्ठी के समापन सत्र से पूर्व तीन तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों द्वारा 30 से अधिक शोध पत्रों को प्रस्तुत किया गया। समापन दिवस के प्रथम सत्र ए आई, मानव संसाधन प्रबंधन और वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित रहा। सत्र की अध्यक्षता प्रो आई डी मिश्र, पूर्व आचार्य, राजनीति विज्ञान विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं सह अध्यक्ष डॉ ए डी मिश्र, कोषाध्यक्ष, लोक प्रशासन संस्थान, दिल्ली ने की। द्वितीय सत्र का विषय ए आई और सामाजिक अंतर्संबंधों पर पड़ रहे उसके मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर केंद्रित रहा। अध्यक्षता प्रो अमित आर्य, मनोविज्ञान विभाग, के जी एम यू, एवं सह अध्यक्ष डॉ देबलीना रॉय, मनोविज्ञान विभाग, के जी एम यू रहे। संगोष्ठी में एक विशेष तकनीकी सत्र ऑनलाइन भी आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न राज्यों से शोधार्थियों ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

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