श्रीराम कथा में भगवान भोलेनाथ की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

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श्रीराम कथा में भगवान भोलेनाथ की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु


मीरजापुर, 23 मई (हि.स.)। जमालपुर क्षेत्र के पसही गांव स्थित काली माता मंदिर परिसर में नवाह्न पाठ के उपरांत आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के प्रथम दिन शनिवार को कथा व्यास ने भगवान भोलेनाथ की मनोहारी कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान शिव सत्यम्, शिवम्, सुंदरम् के प्रतीक हैं। भगवान शिव केवल संहारकारी नहीं बल्कि समस्त सृष्टि के कल्याणकारी देव हैं। उन्होंने कहा कि शिव स्वयं धर्म स्वरूप हैं और शिव के बिना यह संसार शव के समान है।

कथा व्यास ने भगवान शिव और माता सती की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि राजा दक्ष की पुत्री सती ने भगवान शिव से विवाह किया था। बाद में सती के देह त्याग के पश्चात उन्होंने राजा हिमालय के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया। माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उनसे विवाह किया।

उन्होंने समुद्र मंथन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जब हलाहल विष निकलने से सृष्टि संकट में पड़ गई, तब भगवान शंकर ने विषपान कर पूरे ब्रह्मांड की रक्षा की। कथा के दौरान शिव तांडव और ज्योतिर्लिंग की महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर के ज्योतिर्लिंग का आदि और अंत कोई नहीं जान सकता, इसलिए कहा गया है—हरि अनंत, हरि कथा अनंता।

कार्यक्रम में संजय पाण्डेय, परमहंस पाण्डेय, ब्रजेन्द्र पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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