मांगों को लेकर समूह सखियों ने ईको गार्डन के बाहर सड़क जाम किया प्रदर्शन

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मांगों को लेकर समूह सखियों ने ईको गार्डन के बाहर सड़क जाम किया प्रदर्शन


मांगों को लेकर समूह सखियों ने ईको गार्डन के बाहर सड़क जाम किया प्रदर्शन


-मानदेय 20 हजार रुपये करने और कर्मचारी का दर्जा देने की मांग, नीतू सिंह की अगुवाई में प्रदेशभर से पहुंचीं महिला कर्मियां

लखनऊ, 02 नवंबर (हि.स.)। मानदेय वृद्धि, कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहीं समूह सखियों का प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहीं महिला कर्मियों ने साेमवार काे परिसर के बाहर सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस बीच पुलिस प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास करती रही।

ग्रामीण आजीविका मिशन महिला कैडर यूनियन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंची समूह सखियां प्रदेश अध्यक्ष एवं संरक्षक नीतू सिंह के नेतृत्व में धरना दे रही हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण स्तर पर आजीविका मिशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही कर्मचारी के रूप में सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही हैं।

संगठन की प्रमुख मांग है कि सभी महिला कैडर का मासिक मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए और उसका भुगतान प्रत्येक महीने निर्धारित समय पर सीधे उनके बैंक खातों में किया जाए। इसके साथ ही सभी समूह सखियों को कर्मचारी का दर्जा देकर श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं और अधिकार उपलब्ध कराए जाएं।

महिला कर्मियों ने कार्य की जरूरत के मुताबिक स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ नियमित रिचार्ज भत्ता देने की मांग उठाई। दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने के लिए यात्रा भत्ता, महंगाई भत्ता और अन्य जरूरी सुविधाएं देने पर भी जोर दिया। इसके अलावा पर्याप्त दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा तथा महिला कैडर की मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता और समूह जीवन बीमा का लाभ देने की मांग की गई है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार फील्ड वर्क करने के बावजूद उन्हें कार्य के अनुरूप पारिश्रमिक और सुरक्षा नहीं मिलती। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21, 23 और 39(घ) का हवाला देते हुए सम्मानजनक जीवन, शोषण से मुक्ति और समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की।

नीतू सिंह ने कहा कि महिला कैडर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाली नहीं हैं। मांगों पर लिखित और सकारात्मक निर्णय होने तक धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अंजली, रेनू यादव, पुष्पा सरोज, कृष्णवती, अनु सिरोही, मीरा और किरन समेत बड़ी संख्या में समूह सखियां शामिल रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

Livevns.news Desk
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