लखीमपुर खीरी में भीषण अग्निकांड : कांप टांडा गांव में 40 आशियाने जलकर राख, एसडीएम ने किया मुआयना
- दोपहर की भीषण तपिश और तेज हवाओं ने बरपाया कहर, गृहस्थी के साथ अनाज और चारा भी स्वाहा
लखीमपुर खीरी, 19 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के विकास खंड बिजुआ के मैलानी थाना क्षेत्र स्थित कांप टांडा गांव में रविवार दोपहर कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते 40 परिवारों के सपने राख के ढेर में तब्दील हो गए। करीब 2 बजे लगी भीषण आग ने गांव के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में घर के भीतर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और पशुओं का चारा जलकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई ।
आग लगने की सूचना पर उपनिरीक्षक हिमांशु पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित इस दुर्गम गांव में जब तक फायर ब्रिगेड पहुंचती, तब तक ग्रामीण खुद ही आग बुझाने में जुट चुके थे। बाद में दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रभारी निरीक्षक मैलानी बृजेश मौर्य ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभाली। अग्निकांड में सुमेरसिंह, देवेन्द्र कुमार, नन्दकिशोर, रामआसरे, विकास, जयप्रकाश, दुर्गासिंह, कुलदीप, मलखान, अजय कुमार, लाडले, रोमा देवी, पंकज, धर्मेन्द्र, श्रवन, शिवकुमार, ठाकुर, सुरेन्द्र, छोटे, धर्मपाल, अगमवीर, वेदप्रकाश, सुभाष, मन्शाराम, मंगलराम, अखिलेश, रुद्रपाल, ऋषिपाल, वीरपाल, जगपाल, खुशीराम, राजाराम, सोनपाल, मोरती, साधू सिंह, अजय, विक्की, रामकिशोर और रवि सहित 40 लोगों के घर पूरी तरह जल गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम पलिया तत्काल मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने राजस्व टीम को नुकसान का सटीक आकलन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए ताकि आपदा राहत कोष से जल्द मुआवजा मिल सके। वर्तमान में पीड़ित परिवारों के सामने भोजन और सिर छिपाने के लिए छत का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से पीड़ितों को तत्काल राशन और तिरपाल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि तेज हवा के कारण चूल्हे की चिंगारी या शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ होगा। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और पीड़ित परिवार अपनी उजड़ी हुई गृहस्थी को संभालने में जुटे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव

