कृष्ण जन्मोत्सव में गूंजा अधर्म के अंत का संदेश, महिलाओं ने गाए मंगल गीत
- भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी ने मोहा मन, जयकारों से गूंजा कथा पंडाल
मीरजापुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। जमालपुर क्षेत्र के हरिहरपुर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। चुनार विधायक अनुराग सिंह ने कथावाचक पं. भरत कृष्ण शास्त्री का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कथा व्यास पं. भरत कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कंस के अत्याचार बढ़ने पर धरती पाप के बोझ से कराह उठी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का कारागार में जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म का संदेश है कि अहंकार, अधर्म और अत्याचार का अंत निश्चित होता है तथा सच्चे भक्त की रक्षा होती है।
कथा के दौरान ‘भयो प्रकट कृपाला, दीनदयाला’ का प्रसंग आते ही पंडाल ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और ‘नंद घर आनंद भयो’ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म झांकी सजाई गई। वासुदेव द्वारा बाल कृष्ण को टोकरी में लेकर यमुना पार करने और गोकुल पहुंचाने का मंचन किया गया।
बाल गोपाल को रेशमी झूले में झुलाया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और महिलाओं ने मंगल व बधाई गीत गाए।
इस दौरान आचार्य डॉ. सुरेश त्रिपाठी, ज्ञान सिंह, कल्लू सिंह, रामाकांत सिंह, दीना सिंह, बृजकिशोर, कृपाशंकर सिंह, गोपाल सिंह, कौशलेश सिंह, अजय पटेल और गोविंद पटेल आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

