कन्या सुमंगला योजना से बदली तस्वीर : अमेठी की 23 बेटियों को मिली नई उड़ान

WhatsApp Channel Join Now
कन्या सुमंगला योजना से बदली तस्वीर : अमेठी की 23 बेटियों को मिली नई उड़ान


सरकारी सहयोग से मजबूत हुई पढ़ाई की राह: 6वीं और 9वीं की छात्राओं को मिला आर्थिक संबल

बदलती सोच का प्रमाण: अब बेटियां नहीं रुकेंगी, पढ़ाई होगी प्राथमिकता

लखनऊ, 30 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना आज बेटियों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में अमेठी जिले की 6वीं और 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 23 छात्राओं को योजना के तहत चौथे और पांचवें चरण की किश्त जारी की गई। इस दौरान 6वीं कक्षा की छात्राओं को 3,000 रुपये और 9वीं कक्षा की छात्राओं को 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

यह पहल केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के प्रति समाज की बदलती सोच का भी प्रतीक बन रही है। पहले जहां आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की पढ़ाई अक्सर बीच में ही छूट जाती थी, वहीं अब सरकार की इस योजना ने परिवारों को बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित किया है।

शिक्षा के हर पड़ाव पर सरकार का साथ

कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को उनके जीवन के महत्वपूर्ण समय में 06 चरणों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 से इस योजना के तहत कुल सहायता राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और परिवारों पर आर्थिक बोझ को कम करना है।

आत्मविश्वास और सपनों को मिली नई दिशा

अमेठी की इन 23 छात्राओं के लिए यह सहायता उनके सपनों को आगे बढ़ाने का एक मजबूत आधार बनी है। अब वे किसी रुकावट के बिना अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहीं हैं और अपने भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास से भरी हैं। यह योजना न केवल उनकी शिक्षा को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है।

योगी सरकार की पहल से सशक्त होतीं बेटियां

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही यह योजना आज महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। कन्या सुमंगला योजना ने यह साबित कर दिया है कि सही समय पर सही सहयोग मिलने से बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। अमेठी की इन बेटियों की कहानी यही संदेश देती है कि जब सरकार और समाज साथ मिलकर प्रयास करते हैं, तो बदलाव निश्चित होता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

Share this story