पूर्वांचल की कजरी को मिलेगा राष्ट्रीय स्वर, चुनार में जुटेंगी आठ राज्यों की प्रतिभाएं

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पूर्वांचल की कजरी को मिलेगा राष्ट्रीय स्वर, चुनार में जुटेंगी आठ राज्यों की प्रतिभाएं


- 8 राज्यों और नेपाल की 500 से अधिक बहनें एक मंच पर बिखेरेंगी लोक संस्कृति का रंग

मीरजापुर, 07 अगस्त (हि.स.)। सावन की फुहारों के बीच चुनार एक बार फिर लोक संस्कृति के रंग में सराबोर होने जा रहा है। नाै अगस्त को सुरभि शोध संस्थान और संस्कार भारती काशी प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में रामबाग स्थित श्री राधा कृष्ण बनवासी छात्रावास के सभागार में भव्य कजली महोत्सव आयोजित होगा।

इस बार महोत्सव की खास बात यह होगी कि 500 से अधिक महिलाएं और युवतियां एक जैसी वेशभूषा में सामूहिक कजरी गायन कर पूर्वांचल की लोक परंपरा का अद्भुत नजारा पेश करेंगी।

गिरजा घराने की दूरदर्शन कलाकार मंजू शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि कार्यक्रम का नेतृत्व पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव अपने सहयोगी कलाकारों के साथ करेंगी। वहीं, सुरभि शोध संस्थान के प्रभारी अमित चतुर्वेदी ने कहा कि इस आयोजन में देश की सांस्कृतिक विविधता भी देखने को मिलेगी।

पूर्वोत्तर भारत के मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, त्रिपुरा और असम से आई छात्राएं अपनी पारंपरिक शैली में कजरी प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पड़ोसी देश नेपाल की प्रतिभागी भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाएंगी।

अमित चतुर्वेदी ने कहा कि कजली महोत्सव केवल लोकगीतों का आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और भाईचारे का उत्सव है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ना और कजरी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

महोत्सव में नगर के गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, लोक कलाकार और कला प्रेमी भी शामिल होंगे। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक आयोजन का साक्षी बनने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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