ग्रामीण आजीविका को नई उड़ान, ‘जी राम जी’ अधिनियम से बदलेगा भारत

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ग्रामीण आजीविका को नई उड़ान, ‘जी राम जी’ अधिनियम से बदलेगा भारत


— किसानों की सुरक्षा, मजदूरों को मजबूती—विकसित भारत मिशन का बड़ा दावा

— 2047 का रोडमैप तैयार, गांव-गरीब-किसान केंद्र में

मीरजापुर, 12 जनवरी (हि.स.)। डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल, लोहिया तालाब के सभागार में सोमवार को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत–जी राम जी जनजागरण अभियान के तहत प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री व मीरजापुर के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी उपस्थित रहे।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से देश की बागडोर संभालते हुए स्वयं को प्रधान सेवक के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने ग्रामीण भारत की उन्नति, गरीब कल्याण, किसान और मजदूरों के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और श्रीराम मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों का पुष्प वर्षा कर सम्मान करना प्रधानमंत्री की श्रमिक-समर्पित सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम–जी अधिनियम 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया गया है तथा खेती से जुड़े कार्यों के लिए 60 दिन अतिरिक्त सुरक्षित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 185 दिनों की रोजगार गारंटी सुनिश्चित होती है। अनुमन्य कार्यों को चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संपत्ति और जलवायु संरक्षण में वर्गीकृत किया गया है।

मंत्री ने बताया कि समय पर रोजगार न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, भुगतान में देरी पर ब्याज सहित भुगतान और एआई आधारित निगरानी जैसी व्यवस्थाएं अधिनियम को पारदर्शी व प्रभावी बनाती हैं। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत की गारंटी बताया। प्रेसवार्ता में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न दलों के जिलाध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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