राष्ट्रीय एकीकरण शिविर राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व निर्माण का सशक्त मंच : ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला

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राष्ट्रीय एकीकरण शिविर राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व निर्माण का सशक्त मंच : ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला


राष्ट्रीय एकीकरण शिविर राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व निर्माण का सशक्त मंच : ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला


--बुवि के राष्ट्रीय सेवा योजना के दस स्वयंसेवक करेंगे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व

झांसी, 03 जनवरी (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के राष्ट्रीय सेवा योजना के लिए यह गर्व का विषय है कि विश्वविद्यालय के दस चयनित स्वयंसेवक राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह शिविर 5 से 11 जनवरी तक हसन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हसन (कर्नाटक) में आयोजित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित स्वयंसेवक भाग लेंगे। जहां राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, नेतृत्व विकास और सेवा भावना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से चयनित स्वयंसेवकों में आदर्श राजपूत, फैशल उस्मानी, शुभ शाक्या, ध्रुव प्रताप सिंह, आर्यन सिंह, चंचल साहू, दीपिका राजपूत, हर्षिता कुशवाहा, तान्या कुशवाहा एवं सलोनी शाहू शामिल हैं। यह सभी स्वयंसेवक विश्वविद्यालय में अपनी सक्रिय सहभागिता, अनुशासन, सामाजिक चेतना और सेवा कार्यों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। इस दल का नेतृत्व डॉ. श्वेता पाण्डेय, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी करेंगी। उनके मार्गदर्शन में स्वयंसेवक राष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय और प्रदेश की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करेंगे।

विश्वविद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक एवं कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर जैसे कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक इस अवसर का भरपूर लाभ उठाते हुए अपने अनुभवों से समाज और विश्वविद्यालय को समृद्ध करेंगे।

वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्वेता पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के युवाओं को एक मंच पर लाकर “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त करना है। इस शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों को सामाजिक मुद्दों, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक पूर्व में भी विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं और इस बार भी वे विश्वविद्यालय की गौरवपूर्ण परम्परा को आगे बढ़ाएंगे।

पूर्व नोडल अधिकारी (झांसी) डॉ. कपिल शर्मा ने चयनित स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव सिद्ध होगा। इस अवसर पर विनय वाष्णेय ने भी अपनी शुभकामनाएं स्वयंसेवक को प्रदान की साथ ही उन्होंने सफल और सुरक्षित शिविर के लिए स्वयंसेवकों को सुझाव दिए ।

राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में भाग लेने से स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श, समूह गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सेवा कार्यों के माध्यम से व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त होगा। साथ ही वे विभिन्न राज्यों की सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई विविधताओं को निकट से समझ सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण और छात्र समुदाय ने चयनित स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि वे इस राष्ट्रीय एकीकरण शिविर से प्राप्त अनुभवों को भविष्य में समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में उपयोग करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

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