गुरु ही शिष्य के जीवन को देता है सही दिशा : गिरीश चंद्र यादव
जौनपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती और शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को शहर के एक होटल में गुरु श्रेष्ठ सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चंद्र यादव ने करीब 300 सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृतिचिह्न और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया।
राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने प्रत्येक शिक्षक के पास जाकर स्वयं सम्मान सामग्री भेंट की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गुरुजनों के प्रति उनके इस सम्मान भाव से समारोह का माहौल भावुक हो गया। समारोह को संबोधित करते हुए गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा कभी समाप्त नहीं होती और जीवन के हर चरण में गुरु का महत्व बना रहता है। गुरु अपने शिष्य को ज्ञान देने के साथ उसके व्यक्तित्व और भविष्य को सही दिशा प्रदान करता है। शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, संस्कार, जिम्मेदारी और समाज के प्रति कर्तव्यबोध भी देते हैं।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट, बीएससी और विधि की पढ़ाई कराने वाले उनके कई शिक्षक आज उनके सामने मौजूद हैं। ऐसे गुरुजनों का सम्मान करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के पीछे शिक्षकों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
राज्यमंत्री ने कहा कि देश के विज्ञान, प्रशासन, न्याय, शिक्षा और राजनीतिक क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों के व्यक्तित्व निर्माण में उनके गुरुजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विद्यार्थी जब सफलता हासिल कर समाज के लिए उपयोगी बनता है तो उसमें उसके शिक्षकों के ज्ञान और संस्कारों की छाप होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारी पीजी कॉलेज मिहरांवा के पूर्व प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र प्रताप सिंह ने की और संचालन संतोष त्रिपाठी ने किया। इस दौरान डॉ. आरपी सिंह, उर्मिला सिंह, आनंद कुमार मौर्य, जनार्दन प्रसाद अस्थाना, लहुरी राम, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, चेयरमैन मनोरमा मौर्या समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

