बटला हाउस मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
जौनपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में बटला हाउस मुठभेड़ की 18वीं बरसी पर शनिवार को राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा। प्रदर्शन जिलाध्यक्ष शाहिद अली खान के नेतृत्व में किया गया।
जिलाध्यक्ष शाहिद अली खान ने कहा कि 19 सितंबर 2008 को दिल्ली के बटला हाउस में हुई मुठभेड़ में दो मुस्लिम युवकों आतिफ और साजिद तथा एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुठभेड़ फर्जी थी और इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई मुस्लिम युवकों को फंसाया गया, जिससे उनका जीवन प्रभावित हुआ।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग को लेकर आजमगढ़ से दिल्ली तक आंदोलन किया था। संगठन आज भी इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है।
पार्टी नेता हस्सान अहमद काशमी ने कहा कि बटला हाउस मुठभेड़ के बाद तत्कालीन सरकार ने अपने कानूनी दायित्वों का पालन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 176 के तहत पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामलों में मजिस्ट्रेट जांच का प्रावधान था, लेकिन इस मामले में जांच नहीं कराई गई।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के नेताओं ने कहा कि मुठभेड़ में पुलिस अधिकारी और दो युवकों की मौत की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने सरकार से मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की और कहा कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

