जल जीवन मिशन योजना की स्थली जांच कर रिपोर्ट दे अधिकारी
फर्रुखाबाद, 30 अक्टूबर (हि.स.)। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने शुक्रवार काे जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की है। उन्हाेंने कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका जनपद स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण एवं गुणवत्ता सत्यापन कराया जाए। सत्यापन के दौरान पाइपलाइन की गुणवत्ता, पेयजल आपूर्ति की स्थिति, ओवरहेड टैंक, पंप हाउस तथा अन्य निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। अतः योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं से संबंधित ग्रामों में नियमित एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहां कहीं भी तकनीकी समस्या अथवा पाइपलाइन लीकेज की शिकायत प्राप्त हो, उसका तत्काल निस्तारण कराया जाए।
बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) एम0क्यू0 हाशमी ने विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि जनपद फर्रुखाबाद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 378 परियोजनाएं लक्षित हैं, जिनके माध्यम से कुल 718 राजस्व ग्रामों को पाइप पेयजल आपूर्ति से संतृप्त किया जाना है। उक्त कार्य को पूर्ण कराने के लिए कार्यदायी संस्था मैसर्स जीवीपीआर को फेज-द्वितीय तथा मैसर्स वीटीएल गजा को फेज-तृतीय के अंतर्गत नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय तक कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कुल 150 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
जिलाधिकारी ने शेष परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्यों को पूर्ण कराएं। कार्यों में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की भौतिक प्रगति के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर

