संतों की सुरक्षा को लेकर जैन समाज की मौन पदयात्रा, मांगी सुरक्षा की गारंटी
मीरजापुर, 25 मई (हि.स.)। जैन समाज के पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सोमवार को मीरजापुर में जैन समाज के लोगों ने मौन पदयात्रा निकाली। राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान के तहत आयोजित इस मौन जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर लोगों ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई तथा प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर साधु-संतों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गारंटी मांगी।
पदयात्रा के दौरान संतों की सुरक्षा, राष्ट्र की जिम्मेदारी और जो जगत को अहिंसा सिखाते हैं, उनकी सुरक्षा कौन करेगा। जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त की। जुलूस में शामिल लोगों ने हाल ही में मध्य प्रदेश के रीवा क्षेत्र में जैन आर्यिका युगभूषणी माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु का उल्लेख करते हुए कहा कि देश भर में पैदल विहार करने वाले संतों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की आवश्यकता है। जैन समाज की ओर से प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, दोषी वाहन चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने तथा प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करने की मांग की गई।
समाज के वरिष्ठ सदस्य ऋषभ जैन ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लगातार जैन संतों और अर्थिकाओं के साथ हो रही हैं, लेकिन शासन और प्रशासन स्तर पर उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने संतों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।
जैन समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि साधु-संत समाज को अहिंसा, संयम और त्याग का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके विहार के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो समाज आगे भी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
मौन पदयात्रा में जैन समाज के अध्यक्ष, प्रबंधक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

