जय मां विंध्यवासिनी के जयघोष से गूंजा धाम, तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मीरजापुर, 17 जून (हि.स.)। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर बुधवार को विंध्याचल धाम आस्था के सैलाब में डूब गया। भोर की पहली किरण के साथ ही मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिनभर मंदिर परिसर, गंगा घाट और प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। अनुमान के अनुसार तीन लाख से अधिक भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
मुण्डन एवं जनेऊ संस्कार के शुभ मुहूर्त के चलते उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से हजारों परिवार बच्चों के साथ विंध्यधाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पहले पवित्र गंगा में स्नान किया और फिर मां के दरबार में मत्था टेककर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। मंदिर परिसर पूरे दिन घंटों की ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और जय मां विंध्यवासिनी के जयघोष से गुंजायमान रहा।
भारी भीड़ के चलते विंध्याचल नगर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। अष्टभुजा मार्ग, कालीखोह मार्ग और मंदिर से जुड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को पैदल चलकर मंदिर तक पहुंचना पड़ा।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पूरे दिन सक्रिय रहा। बैरिकेडिंग, कतार व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और कंट्रोल रूम के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी गई।
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि तृतीया तिथि पर मुण्डन एवं जनेऊ संस्कार का विशेष महत्व होने के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस बार भी अपेक्षा से अधिक भीड़ रही और देर रात तक दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

