आईआईवीआर ने किसानों को बांटे ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे, आधुनिक खेती अपनाने पर दिया जोर

WhatsApp Channel Join Now
आईआईवीआर ने किसानों को बांटे ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे, आधुनिक खेती अपनाने पर दिया जोर


मीरजापुर, 27 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में अदलपुरा स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) में सोमवार को निक्रा परियोजना एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत किसानों को ग्राफ्टेड बैंगन के पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सब्जी उत्पादन में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ग्राफ्टिंग तकनीक से सब्जी फसलों की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यह तकनीक मृदा जनित रोगों एवं प्रतिकूल मौसम से फसलों की सुरक्षा करती है, जिससे कीटनाशकों का उपयोग कम होता है और उत्पादन लागत घटने के साथ किसानों का मुनाफा बढ़ता है।

सब्जी उत्पादन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनंत बहादुर ने कहा कि ग्राफ्टिंग तकनीक स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि टमाटर, बैंगन तथा सोलानेसी कुल की अन्य फसलों के लिए यह तकनीक विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जागेश तिवारी ने किसानों से इस तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाने और गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित खेती से कृषि अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन सकती है।

इस दौरान शोधकर्ता अनीष कुमार सिंह ने किसानों को ग्राफ्टेड पौधों की रोपाई, देखभाल, प्रबंधन और व्यावसायिक उत्पादन से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियां दीं। किसानों ने भी इस नई तकनीक में रुचि दिखाते हुए इसे अपनाने की इच्छा जताई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

Share this story