52 पोस्टरों में दिखी विभाजन की विभीषिका, बच्चों के नाटक ने ताजा किया बंटवारे का दर्द
मीरजापुर, 14 अगस्त (हि.स.)। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शुक्रवार को विकास भवन के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 1947 के बंटवारे की पीड़ा को तस्वीरों और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया गया। 52 पोस्टरों की प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और अपनों से बिछड़ने की दास्तां दिखाई गई। स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए उस दौर के दर्द को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य, छानबे विधायक रिंकी कोल और नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने मोमबत्ती जलाकर किया। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर विभाजन में जान गंवाने वालों और प्रभावित परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई।
सरला सराफ पब्लिक स्कूल, गोविंदा आश्रम इंटर कॉलेज पड़री, आर. कन्या इंटर कॉलेज समेत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 1947 के स्वतंत्रता आंदोलन, विभाजन की घोषणा, सीमा पर बिछड़ते परिवारों और विस्थापित लोगों के संघर्ष को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं था, बल्कि मानवता की बड़ी त्रासदी थी। लाखों परिवार उजड़ गए और असंख्य लोगों ने जान गंवाई। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इस इतिहास से अवगत कराना जरूरी है, ताकि एकता की शक्ति को समझा जा सके।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली ने कहा कि विभाजन हमें सिखाता है कि जाति और धर्म के नाम पर समाज का बंटवारा कितना भयावह परिणाम दे सकता है। मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने भी एकजुट होकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य, छानबे विधायक रिंकी कोल और नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने भी विभाजन की पीड़ा को याद करते हुए सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

