एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के साथ पुलिस करें संवेदनशील व्यवहार - अपर पुलिस उपायुक्त
वाराणसी, 28 मार्च (हि. स.)। वाराणसी में पुलिस लाइन स्थित सभागार में शनिवार को जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के लिए एचआईवी एड्स पर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अपर पुलिस उपायुक्त नम्रता श्रीवास्तव ने एचआईवी प्रिवेंशन एवं कंट्रोल एक्ट 2017 की जानकारी को पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्हाेंने कहा कि एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के साथ संवेदनशील व्यवहार एवं उनकी गोपनीयता का संरक्षण सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे जिला क्षय रोग अधिकारी और वाराणसी मंडल में दिशा के प्रभारी डॉ. पीयूष राय ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से प्राप्त जानकारी का उपयोग समाज में एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए किया जाना चाहिए। एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
एआरटी सेंटर पीपीडीयू में सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रीति अग्रवाल ने पीपीटी के माध्यम से एचआईवी एड्स के संक्रमण के कारण, बचाव एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं आईएमएस के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि जागरूकता ही एचआईवी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। सभी को अपना एचआईवी परीक्षण अवश्य कराना चाहिए, जो कि सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध है। कार्यक्रम का संचालन डीएमडीओ चेतन श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन क्लीनिकल सर्विस ऑफिसर पूनम गुप्ता ने किया। इस दौरान
कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए देवेंद्र कुमार गुप्ता को डॉ. पीयूष राय द्वारा सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

