जिला कारागार में हिस्ट्रीशीटर बंदी की मौत, परिजन ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
मीरजापुर, 17 जून (हि.स.)। जिला कारागार में बंद चील्ह थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर बंदी नन्हकू सिंह की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल और जेल परिसर पहुंच गए तथा जेल प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। बंदी की मौत को लेकर पूरे दिन चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
जानकारी के अनुसार नन्हकू सिंह को 12 जून को एसओजी टीम ने कथित तौर पर 20 ग्राम हेरोइन की बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया था। न्यायालय में पेशी के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया था। जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य खराब होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिजन का आरोप है कि नन्हकू सिंह की तबीयत कई दिनों से खराब थी, लेकिन जेल प्रशासन ने समय रहते समुचित इलाज नहीं कराया। उनका कहना है कि चिकित्सकों द्वारा बेहतर उपचार और भर्ती की सलाह दिए जाने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजन का दावा है कि यदि समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
बंदी की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा परिजन को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि जिला कारागार में निरुद्ध बंदी नन्हकू सिंह की तबीयत अचानक खराब होने पर उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना उच्चाधिकारियों एवं परिजन को दे दी गई है। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। नियमानुसार मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया भी कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि होगी। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

