बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हाथरस में किसानों की फसल भीगी, भारी नुकसान देख ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हाथरस में किसानों की फसल भीगी, भारी नुकसान देख ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी


हाथरस, 05 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में रविवार को अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। सुबह धूप निकलने के बाद मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे खेतों में कटी और खड़ी फसल तबाह हो गई। सबसे ज्यादा असर सादाबाद इलाके के बिसावर क्षेत्र में देखने को मिला है। यहां बारिश और ओलावृष्टि से लगभग तीन दर्जन गांवों में किसानों को भारी आर्थिक क्षति पहुंचने की बात सामने आ रही है।

जानकारी के मुताबिक, आज सुबह करीब 10 बजे तक आसमान में बादल छाए रहे, जिससे किसानों में चिंता थी। हालांकि, बाद में धूप निकलने से किसानों ने राहत महसूस की और खेतों में कटाई व फसल समेटने का काम तेज कर दिया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिकी। लगभग एक घंटे बाद बिसावर क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके साथ करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि भी हुई। इस समय क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर थी। कई खेतों में गेहूं की कटी हुई फसल पड़ी थी, जो बारिश और ओलावृष्टि से पूरी तरह भीग गई। खेतों में पानी भर जाने से कटी फसल कई जगह पानी में दब गई। ओलों की मार से गेहूं के दाने झड़कर पानी में बह गए, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। खेतों में खड़ी बची हुई फसल भी ओलों के कारण झुक गई है।

किसानों ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी गेहूं की फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया है। खेतों में पानी भरने से अब फसल के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। बिसावर क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांवों में कुदरत का यह कहर देखने को मिला, जहां किसानों की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई। फसल खराब होने से किसान बेहद परेशान हैं और कई खेतों पर माथा पकड़कर बैठे नजर आए।

किसान रोहित चौधरी ने बताया कि उनकी चार बीघा खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना

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