स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की हड़ताल से कामकाज ठप

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स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की हड़ताल से कामकाज ठप


हाथरस, 24 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद हाथरस के सादाबाद कस्बे में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और उप निबंधक कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की हड़ताल बुधवार को 15वें दिन भी जारी रही। इस कारण उप निबंधक कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। रजिस्ट्री, बैनामा और शपथ पत्र जैसे सभी कार्य प्रभावित होने से आम लोगों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बुधवार सुबह से ही स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने अपने कार्यालयों पर तालाबंदी कर उप निबंधक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावित प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। धरने पर बैठे दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने बताया कि नई व्यवस्था से उनके रोजगार पर सीधा संकट आ गया है। हड़ताल के कारण दूर-दराज से आए लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी के आवेदन और सरकारी योजनाओं के लिए शपथ पत्र बनवाने पहुंचे छात्र और बेरोजगार युवक-युवतियां भी दिनभर भटकते रहे। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथियां नजदीक होने के कारण उनकी चिंता बढ़ गई है।

इस धरना-प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन ने भी समर्थन दिया। यूनियन के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन भेजकर आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त किया। इस दौरान विक्रम सिंह वर्मा, चंद्रेश चौधरी, पदम सिंह आर्य, ओमप्रकाश भदोतिया और विश्वजीत आर्य सहित कई किसान नेता उपस्थित रहे। धरने का नेतृत्व दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित ने किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना

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